छुट्टियों के बाद कालेजों में फिर से रौनक लौट आई। कालेज में छात्रों के बीच बाढ़ पर चर्चा होती रही। जिन छात्रों के रिश्तेदार सकु शल घाटी से लौट कर आए, उन्होंने दोस्तों के के बीच घाटी के हालात बयां किए। छात्र कक्षाओं में कम और ग्रुपों में बैठकर चर्चा करते ज्यादा नजर आए।
बाढ़ संकट के चलते जम्मू संभाग के स्कूल कालेजों में छुट्टियां कर दी गई थीं। ऐसे में दूरदराज के क्षेत्रों से कालेज आने वाले छात्रों ने दोस्तों से अपने इलाकों के हाल पर भी चर्चा की। कई छात्र तवी पर बने चौथे पुल को देखने भी पहुंचे। सबसे ज्यादा रौनक महिला कालेज गांधी नगर में देखने को मिला।
हालांकि, छुट्टियों को लेकर छात्रों में असमंजस की स्थिति बनी रही। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले सोशल नेटवर्किंग साइटों पर 16 सितंबर तक छुट्टियां होने की बात चर्चा में आई थी। इस बात के मद्देनजर भी कई छात्र आज कालेज में नहीं आए।
सेमेस्टर परीक्षा बनेगी चुनौती
सितंबर महीना भी पूरा होने को है। ऐसे में नंबर में होने वाली सेमेस्टर परीक्षा छात्रों के लिए कड़ी चुनौतियां ला सकती है। बाढ़ के कारण करीब एक सप्ताह से राज्य के स्कूल-कालेजों में छुट्टियां थीं। शिक्षकों के सामने भी सिलेबस पूरा करवाने की चिंता बनी हुई है। गांधी नगर की वैशाली और तनवी ने कहा कि अक्तूबर में बहुत छुट्टियां भी हैं।
नवंबर में पेपर हैं। चिंता है कि कैसे सिलेबस पूरा होगा। साइंस कालेज के रमन ने कहा कि मेरे जिन दोस्तों में अंकों के प्रतिशत को लेकर होड़ लगी रहती थी वे भी अब इस बात को लेकर चिंतित हैं। गांधी नगर कालेज के प्रोफेसर सुधांशु ने भी छात्रों की परेशानी को जायज करार दिया।