सीमा पार पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में बैठे आतंकियों ने भारत में बड़े हमले करने का मास्टर प्लान बनाया है। कश्मीर खित्ते में बर्फ से बंद होने वाले एलओसी के रास्तों पर घुसपैठ करने के लिए आतंकियों का जमावड़ा लग गया है।
अगले एक हफ्ते तक एलओसी पर घुसपैठ के लिए आतंकियों का हल्ला बोलने का इरादा है। पिछले साल दिसंबर महीने के पहले एक हफ्ते का रिकार्ड इसकी तरफ साफ तौर पर इशारा कर रहा है। जब हर रोज घुसपैठ के लिए प्रयास हुआ और इस दौरान आतंकी हमले भी हुए।
उत्तरी कश्मीर में मच्छेल, केरन, टंगधार और फारकियां आतंकियों के सबसे बड़े घुसपैठ के रूट हैं। यहां दिसंबर के मध्य में बर्फबारी काफी हद तक हो जाती है। यह रास्ते बंद हो जाते हैं।
आतंकी बर्फ गिरने से पहले घुसपैठ की कोशिश में
इसकी वजह से आतंकी बर्फ गिरने से पहले पहले घुसपैठ करने की कोशिश करते हैं। आतंकियों की यह भी कोशिश रहती है कि घुसपैठ करने के बाद ज्यादा से ज्यादा हमले किए जाएं। पिछले साल कुछ ऐसा ही हुआ।
वर्ष 2014 में 27 नवंबर से लेकर 7 दिसंबर तक कश्मीर और जम्मू में 9 आतंकी हमले हुए। इसमें उड़ी सैन्य कैंप हमला और अरनिया कठार हमला शामिल है। इस साल नवंबर के खत्म होते-होते इसके संकेत मिल गए हैं।
नवंबर 13 से लेकर 25 नवंबर तक कश्मीर में एक हफ्ते के भीतर चार बार मुठभेड़ हुई, दो बार बड़े आतंकी हमले हुए, सात बार घुसपैठ हुई। पिछले साल 27 नवंबर से शुरू हुए आतंकी हमले जनवरी तक जारी रहे। इससे साफ तौर पर दिख रहा है कि आने वाला एक हफ्ता सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा।
पिछले साल सरपंच, इस साल सुरक्षाकर्मी बन रहे निशाना
आतंकियों ने पिछले साल के रिकार्ड को दौहराते हुए आतंकी हमले और घुसपैठ के बड़े प्रयास शुरू कर दिए हैं। पिछले साल आतंकी सरपंचों को निशाना बना रहे थे, ताकि चुनाव में खलल डाली जा सके। इस साल सुरक्षाबलों को निशाना बनाया जा रहा है, ताकि घुसपैठ कर बड़े हमले किए जा सकें।
हर तरह से चौकन्ने
उत्तरी कश्मीर के डीआईजी गरीब दास का कहना है कि उत्तरी कश्मीर में ही आतंकी सबसे अधिक घुसपैठ करने की कोशिश में है। एलओसी पर सेना मुस्तैद है और आगे पुलिस।
इसमे कोई दो राय नहीं कि बर्फ गिरने से पहले 60 आतंकी अलग अलग जगहों पर घुसपैठ के लिए बैठे हैं, लेकिन उनकी घुसपैठ को नाकाम करने के लिए तैयारी कर ली गई है।