रैली स्थल पर सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से सीधा संवाद कर प्रधानमंत्री ने यह संदेश देने की कोशिश की कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद 2019 से तस्वीर काफी बदल गई है। लोगों के जीवनस्तर में सुधार हो रहा है। सुदूर तक लोगों को आजीविका का लाभ मुहैया कराया जा रहा है। इसमें सरकार हर संभव सहायता कर रही है। पहले इस तरह की सुविधाएं लोगों को नहीं मिल पाती थी। इसका लाभ चुनिंदा लोगों तक ही पहुंच पाता था।
कश्मीरियों का दिल छूने की ही कोशिश में उन्होंने जम्मू-कश्मीर को देश का मस्तक बताकर यह जताने की कोशिश की कि देश के लिए उनका क्या महत्व है। देश का मस्तक हमेशा ऊंचा रहना चाहिए। इसलिए जम्मू-कश्मीर का विकास मस्तक को ऊंचा रखने के लिए जरूरी है।
अन्य पार्टियों के लोग भी पहुंचे, रैली पर टिकी रहीं निगाहें
रैली में अन्य पार्टियों के लिए भी दिखे। पूर्व उप मुख्यमंत्री मुजफ्फर बेग पत्नी सफीना बेग के साथ पहुंचीं। इसके अलावा अपनी पार्टी के नेता व श्रीनगर के पूर्व मेयर जुनैद मट्टू, पूर्व डिप्टी मेयर भी पहुंचे। रैली पर कांग्रेस, नेकां व पीडीपी की भी निगाहें रहीं। सभी यह जानने के लिए बेकरार थे कि प्रधानमंत्री रैली से किस बात पर निशाना साधते हैं। किस चीज को तवज्जो देते हैं और कश्मीरियों के लिए क्या तोहफा देते हैं।