विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 36 निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में हैं। 15 सीटों के लिए 25 नवंबर को हो रहे मतदान में 123 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। निर्दलियों में कश्मीर संभाग में 17, जम्मू संभाग में 19 और लद्दाख में तीन हैं।
इसके साथ ही पूर्व आईएएस अधिकारी महबूब इकबाल एवं अहमद रोनियाल भद्रवाह तथा बनिहाल सीट से पीडीपी के टिकट पर लड़ रहे हैं। पत्रकारिता से राजनीति में आए फिरदौस टाक पीडीपी के टिकट पर किश्तवाड़ से मैदान में हैं।
पहले चरण में कांग्रेस-नेकां गठबंधन सरकार के सात मंत्री तथा आठ पूर्व मंत्री मैदान में हैं। नेकां के मंत्री गुरेज से नाजिर गुरेजी, सोनावारी से मो. अकबर लोन, कंगन से मियां अल्ताफ अहमद तथा किश्तवाड़ से सज्जाद किचलू और कांग्रेस से नवांग रिगजिन जोरा (लेह), अब्दुल मजीद वानी (डोडा), वकार रसूल वानी (बनिहाल) चुनाव मैदान में हैं।
इसके साथ ही लद्दाख हिल डेवलपमेंट कौंसिल के चीफ एक्जक्यूटिव असगर अली (कारगिल), तीन पूर्व मंत्री कांग्रेस के जीएम सरुरी (इंद्रवाल), मो. शरीफ नियाज (भद्रवाह) एवं नेकां के खालिद नजीब सुहरवर्दी (डोडा) के साथ पीडीपी विधायक निजामुद्दीन भट्ट (बांडीपोरा) व कांग्रेस विधायक अशोक कुमार (रामबन) से किस्मत आजमा रहे हैं।
गांदरबल में सबसे अधिक निर्दलीय
गांदरबल में सबसे अधिक सात और डोडा में छह निर्दलीय भाग्य आजमा रहे हैं। बनिहाल, लेह तथा कारगिल में कोई भी निर्दलीय नहीं है। चुनाव की दौड़ में गुरेज, जंस्कार और रामबन सीट से एक-एक निर्दलीय हैं।