श्रीनगर में 72वें स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराते राज्यपाल एनएन वोहरा
- फोटो : बासित जरगर
कश्मीर में कड़ी सुरक्षा के बीच स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाया गया। कश्मीर संभाग के हर जिला मुखयालय में इस मौके पर परेड हुई और साथ ही रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था। मुख्य समारोह श्रीनगर ज़िले के शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित हुआ।
स्वतंत्रता दिवस का कश्मीर में मुख्य समारोह श्रीनगर में शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित हुआ जहां जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा ने परेड की सलामी ली। परेड में जम्मू कश्मीर पुलिस, जम्मू कश्मीर आर्म्ड पुलिस, सीआरपीएफ़, फायर सर्विसेज, एनसीसी, स्कूली छात्रों के अलावा अन्य दस्तों ने भाग लिया। स्वतंत्रता दिवस समारोह को रंगीन बनाने के लिए स्कूली बच्चों द्वारा रंगारंग कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया था।
मंच से सलामी लेने के बाद राज्यपाल ने राज्य के लोगों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि राज्य में हालातों में जल्द सुधार देखने को मिलेगा। एनएन वोहरा ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले तीन दशकों से पकिस्तान द्वारा राज्य में हालातों को बिगाड़ने के लिए चलाई जा रही प्रॉक्सी वॉर के कारण राज्य में विकास और यहां के हालात प्रभावित हुए हैं।
पाक नहीं आ रहा नापाक हरकतों से बाज, पीएम मोदी की चार सालों की कोशिश का कोई परिणाम नहीं: एनएन वोहरा
जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों से सलामी लेते राज्यपाल
- फोटो : बासित जरगर
उन्होंने कहा कि पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान द्वारा बीते वर्ष कई बार नियंत्रण रेखा से आतंकियों की घुसपैठ करवाने की कोशिस की गईं और हमारी सेना व पुलिस द्वारा प्रभावशाली ऑपरेशनों को अंजाम देते हुए एक बड़ी संख्या में आतंकियों को मार गिराने में सफलता हासिल की जो आंकड़ा पिछले कई वर्षों में सबसे ज्यादा था। इस साल भी नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिशों में इजाफा हुआ है। जून तक पकिस्तान की ओर से कई बार सीजफायर का भी उल्लंघन भी किया गया है।
उन्होंने कहा कि पीछे चार वर्षों के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पाकिस्तान के साथ सुखद संबंधों को सुरक्षित करने के लिए कई प्रयास किए गए लेकिन उसका कोई परिणाम नहीं निकला। वोहरा ने कहा कि पकिस्तान में चुनाव खत्म हुए हैं और नया प्रधानमंत्री जल्द वहां सदारत संभालेगा। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि इस्लामाबाद में नई सरकार को कश्मीर में हालातों को बिगाड़ने के लिए लगातार चलाये जा रहे आतंकी एजेंडे की व्यर्थता का एहसास हो जाएगा और वह यह भी मानेंगे कि दोनों देशों के बीच शांति बहाली से अच्छे संबंध पैदा होंगे और साथ ही कई लाभ पहुंचेंगे।
क्षेत्रीय अखंडता को संरक्षित रखने के लिए अपनी जान न्योछावर करने वाले जवानों को मेरा सलाम
वोहरा ने मंच से सेना, पुलिस, केन्द्रीय सुरक्षा बालों के उन जवानों व अधिकारियों की शहादत को सलाम किया जो क्षेत्रीय अखंडता को संरक्षित रखने के लिए अपनी जान न्योछावर कर गए।
राज्यपाल ने कहा कि पिछले वर्ष कई ऐसे युवा भी थे जो पढ़े लिखे थे और बहकावे में आकर बन्दूक उठा ली, लेकिन कुछ युवा इस आतंक के पथ को छोड़ वापस भी लौटे जो काफी संतोषजनक है। वोहरा ने धार्मिक तथा सामाजिक नेताओं से अपील की कि वह अपने प्रभाव से ऐसे युवाओं को वापस मुख्यधारा में शमिल करने में मदद करें जो भटक चुके हैं।
अर्बन लोकल बॉडीज और पंचायाती चुनावों का ज़िक्र करते हुए वोहरा ने कहा कि काफी वर्षों से यह चुनाव नहीं हो पाए है और इसमें लम्बी देरी के चलते ज़मीनी स्तर पर विकास के लिए इस्तिमाल किए जाने वाला पैसा जाया हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल शासन के बाद से कई ऐसे क़दमों में तेज़ी लाई गयी है जिससे इन चुनावों को करवाया जा सके। वोहरा ने कहा कि राज्य में अर्बन लोकल बॉडीज के चुनाव सितम्बर-अक्टूबर में जबकि पंचायाती चुनाव अक्टूबर-दिसम्बर में अनुसूचित हैं।
वोहरा ने कहा कि मैं एक बार फिर से राज्य के राजनेताओं और उन सभी लोगों के लिए जो विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और अन्य प्रभावशाली संगठनों के शीर्ष पर हैं से अपील करता हूँ कि वेह विचार करें कि पिछले कईं दशकों से चल रहे खराब हालातों से उन्हें क्या हासिल हुआ हैं। लोगों को कितने नुक्सान और पीड़ा का सामना करना पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य को सभी हितधारकों को यह कबूल कर लेने की हिम्मत रखनी चाहिए कि इन सब हालातों से राज्य को बाहर निकालने के लिए बातचीत ही एक मात्र जरिया है।
गौरतलब है कि आतंकी खतरे को ध्यान में रखते हुए कश्मीर घाटी में स्वतंत्रता दिवस समारोह पर घाटी में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। समारोह स्थलों के आस पास कड़ी सुरक्षा रखी गयी थी। समारोह स्थलों की ओर जाने वाले सभी रास्ते सील किए गए थे और सीसीटीवी के साथ-साथ शार्प शूटर भी तैनात किए गए थे। यहां तक कि हालातों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए सुबह तड़के मोबाइल सेवाएं बंद कर दी गयी थी जिन्हें करीब 11:30 बजे बहाल किया गया। साथ ही बानिहाल से बारामुला रेल सेवा भी स्थगित रखी गईं।
इस समारोह में कई राजनीतिक दलों के नेता भी मौजूद रहे लेकिन ख़ास बात यह रही कि जम्मू-कश्मीर के दो पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती एक साथ बैठे दिखे और समारोह के दौरान उन्हें कई बार बातचीत करते और हंसी के कुछ लम्हे साझा करते हुए देखा गया।