इंद्री क्षेत्र स्थित एक गांव के घर में घुसकर एक किशोरी के साथ किए
दुराचार के प्रयास से परेशान होकर पीड़िता द्वारा आत्महत्या करने के मामले
में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कौर की अदालत ने शुक्रवार को
गांव खेड़ीमानसिंह के दो आरोपियों को बीस-बीस साल की सजा और 51-51 हजार
रुपये का जुर्माना किया है।
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे की
अदालत ने सात अक्टूबर को दोनों युवकाें को दोषी करार दिया था।
आठ अगस्त
2013 को दो युवकों ने किशोरी से दुराचार का प्रयास किया था। पीड़िता ने
अपने घर में रखी कीड़े मारने की दवा पीकर जीवन लीला समाप्त कर ली थी।
पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर इंद्री थाना में खेड़ी मानसिंह गांव के दो
युवक सतबीर सिंह और धर्मवीर सिंह पर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया
था।
पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। डॉ. केडी सिंह फाउंडेशन के
संज्ञान में यह मामला आया तो टीम के सदस्य पीड़ित परिवार से मिले। पीड़ित
परिवार को कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए मद्द उपलब्ध कराई। इस परिवार को
निरंतर ट्रामा काउंसिलिंग भी प्रदान की। एक अनुभवी वकील मामले की पैरवी के
लिए नियुक्त किया, ताकि पीड़िता को जल्द इंसाफ मिल सके। केडी सिंह फाउंडेशन
अब तक 150 परिवारों को सहायता पहुंचा चुकी है।
यह फाउंडेशन की 42वीं
कानूनी जीत है। फाउंडेशन ने पीड़ितों को तुरंत सहायता प्रदान करने के लिए
एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-200-2056 चला रखा है।