शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने रियासत के बाहर अंडर ग्रेजुएट और तकनीकी और व्यवसायिक कालेजों में दाखिला लेने के इच्छुक विद्यार्थियों से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री विशेष छात्रवृत्ति योजना (पीएमएसएसएस) का भरपूर लाभ ले। योजना के लिए पंजीकरण करवाने की तिथि को बढ़ाकर तीन जुलाई 2015 कर दिया गया है।
मंत्री का कहना है कि जम्मू कश्मीर के योग्य विद्यार्थी, जो कि आईआईटी और एम्स दिल्ली या फिर अंडर ग्रेजुएट, जनरल, तकनीकी और व्यवसायिक कालेजों में रियासत से बाहर दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को पीएमएसएसएस से काफी लाभ हो सकता है।
अख्तर ने शनिवार को श्रीनगर के एसपी कालेज का दौरा किया और पीएमएसएसएस में हो रहे पंजीकरण की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए रियासत के कालेजों के अलावा आनलाइन पंजीकरण की सुविधा भी दी गई है।
उन्होंने कहा कि जनरल डिग्री कोर्स के लिए विद्यार्थियों को सालाना तीस हजार रुपये तक की ट्यूशन फीस वापस हो सकती है। इंजीनियरिंग कोर्स के लिए 1.25 लाख और मेडिकल स्टडी और डेंटल सर्जरी स्टडी आदि के लिए तीन लाख सालाना तक की फीस वापस हो सकती है।
इसके अलावा एक लाख सालाना तक की होस्टल फीस भी वापस हो सकती है। उन्होंने कहा कि आईआईटी प्रवेश परीक्षा में क्वालीफाई करने वाले तीन विद्यार्थी, जोकि फीस भरने की आर्थिक स्थिति में नहीं हैं, उन्हें पीएमएसएसएस के तहत एक लाख की होस्टल फीस के अतिरिक्त एक लाख की ट्यूशन फीस भी हासिल होगी।
उन्होंने कहा कि त्राल से गरीब परिवार से संबंधित एम्स में क्वालिफाई हुए विद्यार्थी को तीन लाख सालाना के अलावा एक लाख की होस्टल फीस भी हासिल होगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा साल में जम्मू कश्मीर के विद्यार्थियों को 5000 स्कालरशिप हासिल होगी।