जम्मू-कश्मीर के बहुचर्चित रोशनी घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक और मामला दर्ज किया है। यह मामला उधमपुर के रहने वाले तीन लोगों से जुड़ा हुआ है। इन्होंने फर्जी तरीके विवादित रोशनी एक्ट के तहत सरकारी जमीन पर मालिकाना हक हासिल किया था।
जांच के बाद सीबीआई ने यह कार्रवाई की है। बहुचर्चित घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने पाया कि उधमपुर के सुटेन गांव के चंचल दास ने 12 मरला, ज्योति प्रकाश ने एक कनाल 13 मरला और शादी लाल ने 3 कनाल 7 मरला जमीन पर 3 जुलाई 2007 को रोशनी एक्ट के तहत मालिकाना हक हासिल किया।
जांच के दौरान पता चला कि यह तीनों व्यक्ति जम्मू-कश्मीर के नागरिक भी नहीं थे। फाइलों में उनके स्थायी निवासी प्रमाण पत्र नहीं मिले। जबकि उस समय क्रेता को यहां का नागरिक होना अनिवार्य था।
इन लाभार्थियों पर स्वामित्व का अधिकार जम्मू और कश्मीर राज्य भूमि (अधिभोगियों को स्वामित्व का अधिकार) अधिनियम, 2001 की धारा 8 (1) (ए) में निहित प्रावधानों के विपरीत था।
जांच एजेंसी ने सत्यापन के दौरान प्रथम दृष्टया पाया कि राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारी व कर्मचारी उक्त लाभार्थियों को अवैध रूप से जमीन का मालिकाना हक दिलाने के लिए जिम्मेदार हैं।
विभागीय आधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अनुचित लाभ दिलाया। सीबीआई ने मामला दर्ज करते हुए इस मामले की जांच उधमपुर रेंज के इंस्पेक्टर धीरज नुगयाल को दी है। मालूम हो कि जमीन घोटाले में कई बड़े रसूखदार नेता, नौकरशाह व अन्य लोग शामिल हैं। जेएनएफ