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Jammu News: अवैध विज्ञापन में बिक रहे नियम... 120 अधिकृत एड पैनल की अनुमति, दोगुने होर्डिंग व फ्लेक्स लगे

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जम्मू। शहर के कई चौक-चौराहों पर इन दिनों अवैध विज्ञापन में नियम बिक रहे हैं और जिम्मेदार लाचार नजर आ रहे हैं। जगह-जगह होर्डिंग और फ्लेक्स बोर्ड का अवैध प्रचार हो रहा है। हालात यह हैं कि सार्वजनिक स्थान, सरकारी खंभे, डिवाइडर और भवनों की दीवारें तक विज्ञापन सामग्री से ढके हुए हैं।
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स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से शहर में लगभग 120 अधिकृत एड पैनल की अनुमति का दावा किया गया है। ओल्ड सिटी क्षेत्र में 17, बख्शी नगर में 3, ज्यूल चौक से बिक्रम चौक तक 18 और गांधी नगर व आसपास इलाके में करीब 40 पैनल लगाए गए हैं। मगर जमीनी स्थिति अलग नजर आ रही है। सतवारी से ज्यूल चौक, ज्यूल चौक से बिक्रम चौक, अंबफला, बीसी रोड और बनतालाब तक टीम की पड़ताल में तय सीमा से दो गुना होर्डिंग लगे हुए मिले।

कई जगहों पर भीड़भाड़ वाले बाजार और मुख्य ट्रैफिक जंक्शन विज्ञापन बोर्डों से पूरी तरह घिरे हुए दिखे। सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि कई स्थानों पर ट्रैफिक संकेतक और दिशा सूचक बोर्ड भी छिप गए हैं। बड़े फ्लेक्स भवनों के सामने के हिस्से को ढक रहे हैं जिससे न केवल शहर की सुंदरता प्रभावित हो रही है बल्कि सड़क सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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कुछ दिन चलता है अभियान, फिर हालात खराब



स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन समय-समय पर कार्रवाई की बात करता है लेकिन जमीन पर असर नहीं दिखता। कुछ दिन अभियान चलने के बाद फिर से नए फ्लेक्स और होर्डिंग लगा दिए जाते हैं। लोगों ने सवाल उठाया है कि बिना अनुमति इतने बड़े पैमाने पर होर्डिंग कैसे लग रहे हैं और जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने में क्यों नाकाम है। विशेषज्ञों के अनुसार अवैध होर्डिंग कई बार सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हैं जिससे आंधी या बारिश में गिरने का खतरा रहता है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। शहर में बढ़ता विज्ञापन का अवैध जंगल अब प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। लोगों ने मांग की है कि अवैध होर्डिंग पर सख्त कार्रवाई की जाए और सार्वजनिक स्थानों को व्यवस्थित किया जाए।
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पांच साल के लिए 35 करोड़ रुपये का टेंडर दिया गया है, जिसके तहत एजेंसी को हर साल विभाग को सात करोड़ रुपये देने होते हैं।

गिफ्ट पराशर, कार्यकारी अभियंता, मैकेनिकल विभाग, स्मार्ट सिटी लिमिटेड
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