आईआईटी और राज्य सरकार के बीच रविवार को एमओयू (मेमोरेंडम आफ अंडरस्टैंडिंग) पर हस्ताक्षर होने के साथ ही देश के प्रतिष्ठित इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी (आईआईटी) जम्मू की कक्षाएं अगस्त के पहले हफ्ते से शुरू हो जाएंगी।
उप मुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह, राज्य मंत्री प्रिया सेठी की उपस्थिति में राज्य के उच्च शिक्षा सचिव और आईआईटी दिल्ली के निदेशक ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। एमओयू के मुताबिक अगस्त से अस्थायी ढांचे में आईआईटी की कक्षाएं शुरू होंगी। पहले चरण में 90 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा।
राज्य सरकार की ओर से जगती-खानपुर, नगरोटा में करीब पांच हजार कनाल भूमि पर आईआईटी का स्थायी ढांचा शुरू किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि आईआईटी की कक्षाएं शुरू करने के लिए ट्रांजिट कैंप देखा जा रहा है।
इसमें विद्यार्थियों और फैकल्टी के लिए उचित सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। जम्मू-कश्मीर को एकेडमिक हब बनाया जाएगा। यहां देशभर के विद्यार्थी शिक्षा के साथ राज्य के प्राकृतिक सौंदर्य से रू-ब-रू हो सकेंगे। जम्मू में के राज्य के विकास में आईआईटी मील का पत्थर साबित होगा।
आईआईटी के लिए भूमि अधिग्रहण का काम पूरा
आईआईटी
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एचआरडीमानव संसाधन मंत्रालय की ओर से आईआईटी को शीघ्र खुलवाने के लिए पूरा समर्थन मिला है। इसके अलावा वन, राजस्व और दूसरे संबंधित विभागों से सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
आईआईटी के लिए भूमि अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है। आईआईटी में जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थियों के लिए आरक्षण के मुद्दे पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आईआईटी नियमों के तहत ही दाखिले किए जाएंगे।
इस दौरान आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. वी राम गोपाल राय, उच्च शिक्षा सचिव हेमंत कुमार शर्मा के साथ नोडल आफिसर जीजीएम साइंस कालेज प्रो. अजीत अंग्राल, डीएफओ जम्मू डा. वीएस सेंथिल कुमार आदि अफसर भी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि वर्ष 2015 में जम्मू में आईआईटी की स्थापना की कवायद शुरू हुई थी। अक्तूबर 2015 में एचआरडी मंत्रालय की छह सदस्यीय टीम ने दो दिन यहां रुक कर ओल्ड कैंपस जम्मू यूनिवर्सिटी कनाल रोड में अस्थायी कैंपस शुरू करवाने का जायजा लिया था। इसके बाद निरंतर एचआरडी की टीमें जगह को फाइनल करने के लिए दौरे करती रहीं, जिसके बाद जगती खानपुर की जगह पर मुहर लगाई गई।