नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो राज्य में पीडीपी-भाजपा गठबंधन के सत्ता में आने के बाद 2015 से जम्मू-कश्मीर के युवाओं के खिलाफ दर्ज मामले की समीक्षा की जाएगी। कश्मीरी युवाओं के खिलाफ एफआईआर रद्द की जाएंगी।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वे जम्मू-कश्मीर में एक ऐसा माहौल बनाना चाहते हैं, जहां लोग खुलकर बात कर सकें। हमारे युवाओं के खिलाफ ऐसे मामले दर्ज हैं, जिनके तहत उन्हें आज भी पुलिस थानों में बुलाया जाता है।
नेकां सरकार प्रत्येक मामले की एक-एक करके समीक्षा करेगी, जो हमारे युवाओं के खिलाफ 2015 से और विशेष रूप से 2016 (अशांति) और उसके बाद एफआईआर दर्ज हुई हैं उनको रद्द किया जाएगा, ताकि हमारे युवा आजाद हों।