इससे पहले 25 नवंबर को अनंतनाग पुलिस ने सोमवार को हाईवे के नजदीक एक पाइप तथा कुकर में छिपाकर रखी गई संदिग्ध वस्तु देखी। उसमें से कुछ तार निकले हुए थे। इसके बाद रास्ते पर आवागमन रोक दिया गया। बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया। जांच पड़ताल के बाद दस्ते ने इसे निष्क्रिय किया। आतंकियों द्वारा इस आईईडी को किसी स्थान पर हमले के लिए रखा जाना था।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दोनों आईईडी 13 किलो की थी। आईईडी इतनी शक्तिशाली थी कि विस्फोट होने पर पुलवामा दोहराया जा सकता था। काफी जान माल का नुकसान होता। पुलवामा में फरवरी महीने में सीआरपीएफ के काफिले पर फिदायीन हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे।