राज्यपाल एनएन वोहरा ने जवाबदेह प्रशासन पर बल देते हुए काम न करने वाले अधिकारियों की शिनाख्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों का 31 दिसंबर 2015 तक जमा संपत्ति का ब्योरा उन्हें 29 फरवरी तक भेजने को कहा है। साथ ही अधिकारियों की वार्षिक रिपोर्ट (एनुअल परफारमेंस रिपोर्ट) भी मांगी है।
वोहरा ने डिफाल्टर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी बात कही। वे नागरिक सचिवालय में सतर्कता संबंधी मुद्दों की समीक्षा कर रहे थे।
बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि सामान्य प्रशासन विभाग राज्य में पारदर्शी तथा जन सेवाओं का बेहतर अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सतर्कता ढांचे को गतिशील बनाए। उन्होंने सभी प्रशासनिक सचिवों को सतर्कता के लंबित मामलों की पाक्षिक समीक्षा कर उसकी रिपोर्ट देने को कहा।
इसके लिए मुख्य सचिव को आदेश जारी करने को कहा ताकि प्रशासनिक सचिव उन्हें नियमित रूप से समीक्षा रिपोर्ट भेजते रहें। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों में आवश्यक समीक्षा के लिए लंबित मामलों को 15 मार्च तक संबंधित कमेटियों को भेजा जाए।
सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव को निर्देश दिए कि विभागीय वेबसाइट और सूचना के अधिकार संबंधी जानकारी को भी निरंतर अपडेट किया जाए।
राज्यपाल को सामान्य प्रशासन विभाग के आयुक्त ने सतर्कता की विस्तृत रिपोर्ट दी। उन्हें बताया कि वर्ष 2015 में कुल 91 एफआईआर दर्ज की र्गईं।
इनमें 158 गजटेड तथा 118 नान गजटेड अधिकारी आरोपी हैं। 32 मामलों में कार्रवाई को मंजूरी दी गई है। 22 गजटेड तथा 40 नान गजटेड अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
उन्होंने विभिन्न विभागों में लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी लाने तथा इसकी रिपोर्ट 23 फरवरी तक उन्हें सौंपने की हिदायत दी।