रियासत सरकार ने शहर में ट्रैफिक जाम कम करने के उद्देश्य से शहर के आसपास इलाकों में तीन आइडियल पार्किंगों का निर्माण किया हुआ है। जहां पर खाली बसों को लाकर खड़ा किया जाएगा। बीसी रोड से बसे हटाने का निर्देश हाईकोर्ट ने भी दिया हुआ है। प्रदर्शन और हंगामों के बीच शिफ्ट करने का मामला टलता रहा है।
परिवहन विभाग ने कठुआ, सांबा, आरएस पुरा, बिश्नाह रूट को जाने वाली बसों को पुराने आरटीओ आफिस से चलाने के निर्देश हुए हैं। नौशेरा, राजोरी, पुंछ, उधमपुर की खाली बसों को खानपुर जगती, नगरोटा में खड़े करने की हिदायतें हैं। इसी तरह से इंटर स्टेट बसों को नरवाल से। हर बार ट्रैफिक पुलिस की ओर से ऐसा करने के प्रयास को ट्रांसपोर्टरों की विफल बनाया जाता रहा है।
एकदफा ट्रैफिक पुलिस ने टू बाई टू बसों को पुराने आरटीओ आफिस भेजने का प्रयास किया था, लेकिन ट्रांसपोर्टरों ने चक्का जाम कर दिया था। इसी तरह से बीसी रोड पर बसों को हटाने जगती, नगरोटा भेजने के वक्त ट्रांसपोर्टर और पुलिस आमने - सामने हो गए थे।
कहां-कहां लगता है जाम
टू बाई टू बसों के अलावा स्लीपर बसें, टैंपो ट्रेवलर, आटो और निजी वाहन टेढ़े-मेढ़े खड़े होते हैं, जिस कारण बीसी रोड पर जाम लगता है। स्लीपर कोच बसों को रात के 8 बजे के बाद सिटी में प्रवेश करने की हिदायतें हैं, लेकिन कुछ आपरेटरों की मनमानी के चलते बसें समय से पहले ही पहुंच जाती है।