कश्मीर घाटी के अलगाववादी नेताओं और पाकिस्तान उच्चायुक्त के बीच रिश्तों को मजबूत करने के लिए जब तब प्रयास किए जाते रहे हैं। किसी न किसी अवसर के बहाने पाक उच्चायुक्त की ओर से अलगाववादियों को न्योता भी भेजा जाता रहा है।
इस बार पाकिस्तान उच्चायुक्त द्वारा दिल्ली में 21 जुलाई को आयोजित ईद मिलन समारोह के लिए हुर्रियत नेताओं को बुलाए जाने की खबर से सियासी गलियारों में खलबली मची हुई है, लेकिन अलगाववादी ऐसे किसी भी न्योते से नकार रहे हैं।
उनका कहना है कि जब न्योता मिलेगा तब देखेंगे। सैयद अली शाह गिलानी के नेतृत्व वाली हुर्रियत (जी) के प्रवक्ता अयाज अकबर भट ने कहा कि अभी तक औपचारिक तौर पर पाकिस्तान उच्चायुक्त की ओर से कोई न्योता नहीं मिला है।
अगर न्योता आता है, तो उसके बाद एडवाइजरी कमेटी की बैठक होगी, जिसमें कोई निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी तक मीडिया द्वारा ही यह सब सुन रहे हैं। वहीं मीरवाइज मोलवी उमर फारूक के हुर्रियत (म) के मीडिया सलाहकार शाहिद-उल-इस्लाम ने भी कहा कि अभी कोई औपचारिक न्योता नहीं मिला है।
गौरतलब है कि अगस्त 2014 में पाकिस्तान उच्चायुक्त और हुर्रियत नेताओं के बीच हुई मुलाकात को लेकर भारत ने आपत्ति जताई थी। पाकिस्तान के साथ विदेश सचिव स्तर की वार्ता भी निरस्त कर दी थी।