हुर्रियत के कुलगाम मार्च को भी सुरक्षा बलों ने बुधवार को नाकाम कर दिया। इस बीच कुलगाम जाने की कोशिश में हुर्रियत (जी) के प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी और हुर्रियत (एम) के मीरवाइज उमर फारूक को हिरासत में ले लिया गया। अलगाववादियों के मार्च के आह्वान को देखते हुए कुलगाम में कर्फ्यू लगा दिया गया।
इसके साथ ही श्रीनगर में मंगलवार की हिंसक घटनाओं के बाद पांच थाना क्षेत्रों में दोबारा कर्फ्यू लगा दिया गया। पोस्टपेड मोबाइल सेवा बहाल कर दी गई है, जबकि इंटरनेट और रेल सेवा ठप है।
अनंतनाग को छोड़कर घाटी के अन्य इलाकों से मंगलवार को कर्फ्यू हटा लिया गया था, लेकिन श्रीनगर के पुराने शहर में हुई हिंसक घटनाओं के बाद प्रशासन ने पांच थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया।
बारिश से नहीं हुई पत्थरबाजी
घाटी में हिंसा
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खानयार, रैनावारी, महाराजगुंज, सफाकदल तथा नौहट्टा में कर्फ्यू है, जबकि मायसूमा व क्रालखुद पुलिस थाना क्षेत्र में पाबंदियां हैं। पुलिस के अनुसार घाटी के अन्य इलाकों में भी सख्त पाबंदियां हैं।
उधर, अलगाववादियों के बंद के आह्वान से घाटी में जनजीवन प्रभावित है। बाजार तथा दुकानें बंद रहीं। सड़कों पर वाहन नहीं चले। उधर, 15 जुलाई को बीएसएनएल को छोड़कर बंद की गईं अन्य मोबाइल कंपनियों की पोस्टपेड मोबाइल सेवाएं मंगलवार की रात बहाल कर दी गईं।
श्रीनगर में बुधवार सुबह से ही हो रही बारिश ने पत्थरबाजों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। लगातार बारिश होने की वजह से लोग घरों से बाहर नहीं निकले। कुलगाम मार्च के बाद भी दिनभर पत्थरबाजी की घटनाओं की सूचना नहीं है।