घाटी में आतंकवाद का दौर शुरू होने के लगभग डेढ़ दशक बाद सुरक्षा बलों की ओर से दोबारा आतंकियों को ढूंढ़ो और मारो (कार्डन एंड सर्च आपरेशन-कासो) अभियान शुरू किए जाने के बाद से आतंकी तंजीमों में बौखलाहट है। इसी बौखलाहट में आतंकी हमले तेज हुए हैं।
अमरनाथ यात्रा की तिथि करीब आने के साथ ही इसके और बढ़ने की आशंका है। सुरक्षा बलों के पास इनपुट हैं कि कासो का जवाब देने के लिए लश्कर तथा हिजबुल ने हाथ मिला लिया है। अब दोनों संगठनों के आतंकियों को संयुक्त रूप से हमले की जिम्मेदारी दी जा रही है।
कश्मीर में सक्रिय लश्कर और हिजबुल के 250 से अधिक आतंकियों को कमांडरों की ओर से हमले तेज करने और अपनी मौजूदगी दिखाने की हिदायत दी गई है। दक्षिणी कश्मीर के साथ ही आतंकियों ने अमरनाथ यात्रा मार्ग में आने वाले स्थानों को निशाने के लिए चुना है।
आतंकियों को मिले हैं सुरक्षाबलों पर हमला करने के निर्देश
आतंकी हमले की साजिश
- फोटो : डेमो फोटो
दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग, शोपियां, पुलवामा के साथ ही उत्तरी कश्मीर में बारामुला, कुपवाड़ा और सोपोर में सक्रिय आतंकियों को सुरक्षा बलों को ज्यादा से ज्यादा निशाना बनाने को कहा गया है।
इसके साथ ही राजनीतिक व्यक्ति के सुरक्षा गार्ड से हथियार छीनने, थानों, पुलिस पोस्ट और नाकों, सुरक्षा बलों के कैंप और महत्वपूर्ण ठिकानों तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर तैनात सुरक्षा बलों को निशाना बनाए जाने की साजिश रची गई है, ताकि घाटी में मौजूदगी दिखाई जा सके।
घात लगाकर हमले करने के बाद आतंकियों को मौके से भागने को भी कहा गया है, ताकि उन्हें किसी प्रकार का नुकसान न होने पाए। सूत्रों ने बताया कि ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) को सुरक्षा बलों की मौजूदगी की रेकी करने की जिम्मेदारी दी गई है।
सुरक्षाबलों को किया गया सतर्क
आतंकी हमले की साजिश
- फोटो : Demo Photo
खुफिया रिपोर्ट के बाद सुरक्षा बलों को सतर्क कर दिया गया है ताकि आतंकियों की साजिश को नाकाम किया जा सके। सीआरपीएफ के प्रवक्ता राजेश यादव का कहना है कि आतंकियों से निपटने की रणनीति के तहत लगातार अभियान चलाया जा रहा है। कासो भी जारी रहेगा।
परिस्थितियों के अनुसार इसमें सभी सुरक्षा एजेंसियों की मदद ली जा रही है। सूत्रों के अनुसार ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में भी आतंकियों की मौजूदगी के इनपुट मिले हैं। यहां ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) की सक्रियता बढ़ी है। इस वजह से सुरक्षा बलों को अलर्ट किया गया है।
लाल चौक, खानयार सहित अन्य संवेदनशील स्थानों तथा लोगों पर पैनी निगाह रखी जा रही है। महत्वपूर्ण स्थलों तथा नाकों पर चौकसी बढ़ाई गई है। दो दिन पहले आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर लाल चौक इलाके में कासो अभियान चलाया गया था।