कश्मीर में तबाही मचाने वाली बाढ़ से जान बचाकर लौटे बाहरी राज्य के सैकड़ों दिहाड़ीदार शुक्रवार को एसआरटीसी की बसों पर सवार होकर रेलवे स्टेशन उधमपुर पहुंचे।
जहां सभी ने अपनी आपबीती बताई। लोगों ने बताया कि सभी ने अपनी मौत को बहुत करीब से महसूस किया, लेकिन किस्मत ने उनका साथ दिया और बचकर लौट आए। जब उनसे पूछा गया कि वे वापस मजदूरी के लिए घाटी आएंगे तो हर किसी से एक ही शब्द 'ना' सुनाई दिया।
सुबह करीब दस बजे से एसआरटीसी की बसें दिहाड़ीदारों को लेकर रेलवे स्टेशन पहुंचना शुरू हो गई थी। सुबह करीब ग्यारह बजे तक सैकड़ों की संख्या में दिहाड़ीदार रेलवे स्टेशन पहुंच गए थे।
बिहार के रहने वाले मो. मंसूर अंसारी, मो. यूनुस अंसारी, सुनील कुमार, संजय शर्मा और अन्य कई लोगों ने बताया कि करीब दस वर्ष से श्रीनगर में दिहाड़ीदार और मिस्त्री का काम कर रहे हैं। जब श्रीनगर में बाढ़ आई तो पानी उनके किराए के कमरे के अंदर भर गया।
जब पानी भरने लगा तो सभी परिवार के साथ फौरन बाहर निकल आए। जहां भी उनकी नजर पड़ती सिर्फ पानी ही नजर आ रहा था।