अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मानसून पूरी तरह सक्रिय है। बरसात हो रही है। विकास परियोजनाओं के निर्माणाधीन स्थलों समेत शहर के निचले क्षेत्रों में पानी जमा हो रहा है। डेंगू का खतरा बढ़ा है और एंटी डेंगू माह चल रहा है, लेकिन नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग सिर्फ जागरूकता अभियान जैसी औपचारिकता में व्यस्त है। फॉगिंग पर निगम और विभाग एक-दूसरे का मुंह ताक रहे हैं।
प्रदेश भर में 31 जुलाई तक एंटी-डेंगू माह चलाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का जोर लोगों को जागरूक करने पर है। इसलिए पम्फलेट्स, पोस्टर चस्पा करने के साथ स्वास्थ्य शिविर और नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जा रहे हैं। वहीं, डेंगू के वास्तविक रोकथाम के लिए जरूरी फॉगिंग का शेड्यूल और डेंगू के लारवा को खत्म करने के लिए अब तक केमिकल का छिड़काव नहीं किया गया है।
शहर और आसपास के इलाकाें में हर साल डेंगू का प्रकोप रहता है। नरवाल, गंग्याल, त्रिकुटा नगर, जानीपुर, तालाब तिल्लो सहित अन्य इलाकों में अधिक मामले आते हैं। बाड़ी ब्राह्मणा से गंग्याल तक हाईवे का निर्माण कार्य चल रहा है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं जहां बारिश का पानी इकट्ठा हो जाता है। बारिश के चलते शहर में जगह-जगह जलभराव है। बारिश का पानी कई-कई दिनों तक गड्ढों में इकट्ठा रहता है जो डेंगू के लारवा पनपने का बड़ा कारण बन रहा है।
वहीं, फॉगिंग को लेकर स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के बीच तालमेल की कमी है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फॉगिंग का शेड्यूल नगर निगम के साथ तैयार किया जाता है। उसकी तरफ से अभी तक कोई पहल नहीं हुई है। वहीं नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग जब बताएगा फॉगिंग का शेड्यूल तैयार कर लिया जाएगा।