आधुनिक हथियारों और तकनीक से ग्रामीण इलाकों में हमला बोलने वाले आतंकियों के खिलाफ लड़ना विलेज डिफेंस कमेटियों के लिए आसान नहीं। संवेदनशील इलाकों में आतंकी और अन्य तरह की आपराधिक घटनाओं पर नजर रखने और लड़ने के लिए वीडीसी का गठन किया गया था। लेकिन पिछले दो दशकों से पुराने हथियारों पर ही वीडीसी निर्भर हैं।
ऐसे में मौजूदा हालातों में वीडीसी सदस्यों के पास उपलब्ध हथियार आतंकियों से निपटने में कोसों दूर हैं। वर्ष 1996 में राज्यपाल शासन के दौरान इन कमेटियों का गठन किया गया था। वीडीसी सदस्यों को थ्री नट थ्री की गन दी गई है। जबकि आतंकी एके 47 और एके 56 सहित चाइनीज ग्रेनेड और चाइनीज पिस्तौलों के साथ हमले बोल रहे हैं।
ग्रामीण इलाकों में आतंकियों के हमले बढ़ते जा रहे हैं। पिछले एक साल में सांबा, कठुआ और अरनिया में आतंकी हमले और इसमें स्थानीय लोगों की जान गई। इन इलाकों में हमला करने से पहले आतंकियों ने घुसपैठ करने का प्लान बनाया। यदि वीडीसी सदस्यों को भी आधुनिक हथियार होते तो वह इनसे लड़ सकते थे।