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इस घर में दो महीने तक रुका था आतंकी नावेद

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रनसू में बीएसएफ के बस पर आतंकी हमले में शामिल नावेद उर्फ कासिम के मामले की जांच के लिए नेशनल इनविस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) की स्पेशल कोर्ट से पांच दिन का रिमांड लिया गया।
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इस स्पेशल कोर्ट ने चिनैनी पुलिस को इस घटना की केस डायरी (सीडी) फाइल और अन्य संबंधित दस्तावेज, बरामद हथियार एनआईए को सौंपने के आदेश दिए।

इस बीच नावेद की निशानदेही पर श्रीनगर में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें उसके मददगार तथा ट्रक का ड्राइवर भी शामिल है। एक न्यूज एजेंसी ने नावेद को शरण देने वाले घर की तस्वीरें जारी की है। ड्राइवर जावेद अहमद पारे पर आरोप है कि उसने अपने घर चुरसू अवंतिपोरा में नावेद को रखा और फिर जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर छोड़ दिया।

दूसरा फयाज अहमद है। यह साउथ कश्मीर के त्राल में वेल्डर है। इसे दो दिन पहले अरेस्ट किया गया। इस पर संदेह है कि वह लश्करे तैयबा के लिए कुछ दिनों से काम कर रहा था।
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नावेद पांच दिन की रिमांड पर

जम्मू तृतीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय को एनआईए की विशेष कोर्ट का दर्जा दिया गया है। विशेष कोर्ट के न्यायाधीश वाईपी कोतवाल ने इस मामले में चिनैनी पुलिस को सीडी फाइल, नावेद की कस्टडी के आदेश दिए हैं।

एनआईए के डीआईजी अनिल शुक्ला और एसएसपी अतुल गोयल इस दस्तावेज को लेकर चिनैनी पुलिस के पास पहुंचे। इस केस में सबसे पहले चिनैनी पुलिस ने तहसीलदार से नावेद का पांच दिन का रिमांड हासिल किया गया था।

केस से जुड़े सभी दस्तावेज को लेकर एनआईए की टीम सड़क मार्ग से श्रीनगर रवाना हो गई। श्रीनगर में एनआईए के आईजी संजीव कुमार सिंह पहले से ही नावेद को लेकर श्रीनगर में हैं। घाटी में नावेद किस जगह रहा है और कहां घूमा इसकी जांच की जा रही है।
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