- जुल्लाका मोहल्ले में एक साल पहले शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
- दीवारें अब भी खड़ीं, आसपास के घरों पर मंडरा रहा खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। वार्ड-2 के जुल्लाका मोहल्ले में मंगलवार देर रात करीब 2:30 बजे सैंकड़ों वर्ष पुराना मिट्टी का जर्जर मकान अचानक भरभराकर ढह गया। गनीमत रही कि मकान के बीच की छत का हिस्सा अंदर की ओर गिरा जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हादसे के बाद भी खतरा टला नहीं है। मकान के बीच की छत पूरी तरह गिर चुकी है। किनारों पर बनी कमजोर दीवारें अब भी खड़ी हैं। इनके आसपास के मकानों की ओर गिरने की आशंका है।
स्थानीय लोगों के अनुसार मकान की मालकिन श्रेष्ठा खोखर का करीब 12 वर्ष पहले निधन हो चुका है। इसके बाद से मकान वीरान पड़ा है। इसकी देखरेख करने वाला कोई नहीं है। मकान के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि भवन की जर्जर हालत को लेकर सभी लोगों ने मिलकर पांच सितंबर 2025 को जिला प्रशासन और नगर निगम को शिकायत दी थी। इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन ने यदि समय रहते मकान का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की होती तो आधी रात हुए इस हादसे की नौबत नहीं आती।
मकान लंबे समय से खतरा बना हुआ था। हमने अधिकारियों को पहले ही बताया था, लेकिन किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। अब दीवारें आसपास के मकानों पर गिर सकती हैं।
- सूर्य प्रकाश, स्थानीय निवासी
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रात को तेज आवाज से लोग डर गए। गनीमत है कि मकान के अंदर का हिस्सा गिरा जिससे कोई अप्रिय घटना नहीं हुई, लेकिन दीवारें अभी भी खड़ी हैं। प्रशासन को तुरंत इन्हें हटाना चाहिए।
- बीना नय्यर, स्थानीय महिला
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यदि मकान का कोई वारिस नहीं है तो सरकार को कानूनी प्रक्रिया के तहत इसकी स्थिति स्पष्ट कर सुरक्षा की व्यवस्था करनी चाहिए।
- सुशील कपूर, स्थानीय निवासी
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घटना की सूचना नगर निगम को दी जा चुकी है। विभाग की तरफ से लोगों को आश्वासन भी दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द कार्रवाई होगी।
- विकास शर्मा, स्थानीय निवासी