- स्वास्थ्य विभाग ने नए भवन का बनाया प्रस्ताव, मरीजों को मिलेंगी सुविधाएं
- अस्पताल प्रबंधन ने नए भवन में शिफ्ट कर दिए हैं बेड और मरीज
जम्मू। गांधी नगर में 65 साल बाद सरकारी अस्पताल की पुरानी इमारत ध्वस्त होगी। स्वास्थ्य विभाग ने असुरक्षित घोषित हो चुकी इमारत को गिराने के लिए औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। साथ ही नया भवन बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है जिससे मरीजों को अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
जम्मू मेडिकल कॉलेज के निदेशक हमीद जरगर ने कहा कि इमारत छह दशक से भी ज्यादा पुरानी थी। मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए सेफ्टी ऑडिट में इमारत को असुरक्षित घोषित किया गया। इसे तोड़कर भविष्य में नया अस्पताल बनाया जाएगा। इसके लिए योजना तैयार कर संबंधित अधिकारी को सौंप दी गई है। पुरानी बिल्डिंग की स्थिति ऐसी है कि दीवारों में दरारें आ चुकी हैं और छत से पानी टपकता है। बरसात या भूकंप जैसी स्थिति में बड़े हादसे का खतरा बना रहता था। इसी कारण मरीजों और विभागों को नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया था। यहां मरीजों के लिए बेहतर ओपीडी, वार्ड, इमरजेंसी सेवाएं, लिफ्ट, फायर सेफ्टी और अन्य जरूरी सुविधाएं होंगी। इससे गांधी नगर और आसपास के इलाकों के लोगों को सुरक्षित और बेहतर इलाज मिल सकेगा।
रोजाना 500 मरीजों की ओपीडी
गांधीनगर अस्पताल में रोजाना करीब 500 मरीजों की ओपीडी रहती है। यहां बाल रोग और स्त्री रोग विशेषज्ञ के साथ ही एमडी और एमबीबीएस चिकित्सक बैठते हैं। गांधीनगर अस्पताल शहर की बड़ी आबादी को राहत दे रहा है। पुराने भवन को गिराकर नया बनाने से जिलास्तरीय अस्पताल को विस्तार मिलेगा।