जम्मू। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 2021 जम्मू-कश्मीर के लिए कई मायनों में खास है। देश में केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर में पिछले एक साल में पंचायती राज सिस्टम का सपना पूरा हुआ है। पंचायत, ब्लॉक परिषद और जिला परिषदों के निर्वाचित प्रतिनिधि अवाम की जन आकांक्षाओं को पूरा करने में जुटे हुए हैं। हालांकि, कुछ कमियां अभी भी हैं जिन्हें दूर किया जाना बाकी है।
अनुच्छेद 370 के रहने तक जम्मू-कश्मीर में भारतीय संविधान का 73वां संशोधन पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया। इस वजह से पंचायती राज सिस्टम नहीं था। पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटने के साथ ही जम्मू-कश्मीर में 73वें संशोधन को लागू करने और पंचायती राज सिस्टम में आ रही बाधा दूर हो गई। 2020 में प्रदेश में जिला विकास परिषदों के चुनाव हुए और 2021 के जनवरी और फरवरी माह में डीडीसी अध्यक्ष-उपाध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया भी पूरी हो गई।
प्रदेश में निर्वाचित सरकार न होने के चलते फिलहाल जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक संस्था के तौर पर पंच, सरपंच, बीडीसी अध्यक्ष और डीडीसी सदस्य, उपाध्यक्ष और अध्यक्ष ही जन प्रतिनिधि के तौर पर जन आकांक्षाओं को पूरा करने के माध्यम बने हुए हैं। हालांकि, जिला विकास परिषदें अभी पूूरी तरह से कामकाज शुरू नहीं कर पाई हैं। उम्मीद हैं कि जल्द ही वह कामकाज शुरू करेंगी।
जम्मू-कश्मीर में पंचायती राज सिस्टम की स्थापना हुई है। ऐसे में 2021 का राष्ट्रीय मतदाता दिवस प्रदेश के लोगों व निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए नई उम्मीदों व सपनों को पंख लगने जैसा है। जम्मू-कश्मीर के सभी लोगों खासतौर से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को पंचायती राज दिवस की बहुत-बहुत बधाई। जिला विकास परिषद कोशिश करेगी कि लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करे।
-भारत भूषण, अध्यक्ष, डीडीसी, जम्मू
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का देश में मजबूत पंचायती राज सिस्टम का सपना जम्मू-कश्मीर में पूरा हुआ है। इसे लागू करने के लिए ऑल जेएंडके पंचायत कांफ्रेंस लंबे समय से आंदोलन करता रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आखिरकार जम्मू कश्मीर में थ्री टियर पंचायती राज व्यवस्था को कायम किया। अब जरूरत है पंचायती राज को मजबूती देने की। अभी तक अफसरशाही से लेकर जन प्रतिनिधियों को भी इस सिस्टम की पूरी जानकारी नहीं है। इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम तेजी से चलाने की बहुत जरूरत है। -अनिल शर्मा, अध्यक्ष, ऑल जेएंडके पंचायती कांफ्रेंस