जम्मू-कश्मीर में लोकसभा तथा विधानसभा चुनाव के लिए प्रशासनिक तैयारियां और तेज कर दी गई हैं। सरकार की ओर से तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए राज्य तथा संभागीय स्तरीय दो कमेटियों का गठन किया गया है। दोनों कमेटियों को 31 जनवरी तक रिपोर्ट देने को कहा गया है। इसमें जमीनी स्तर पर हालात तथा सुरक्षा स्थिति का आकलन भी शामिल है। इससे पहले सभी जिलों से आरओ तथा एआरओ की सूची तलब की गई थी।
राज्य स्तरीय समिति के चेयरमैन गृह विभाग के प्रमुख सचिव होंगे। इसमें डीजीपी, परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव, फाइनेंशियल कमिशनर रेवन्यू, कमिश्नर सेक्रेटरी रेवन्यू, एडीजीपी (सीआईडी), डिवकाम जम्मू व कश्मीर को सदस्य के रूप में रखा गया है। समिति को दायित्व सौंपा गया है कि वह चुनाव के लिए जरूरतों को चिह्नित करे। साथ ही संभागीय स्तर पर प्राप्त इनपुट के आधार पर विकल्पों पर विचार करे।
जमीनी स्तर पर हालात, सुरक्षा की स्थिति, कार्मिकों, उपकरणों व अन्य जरूरतों का आकलन कर अपनी रिपोर्ट दे। संभागीय स्तर पर जम्मू व कश्मीर के डिवकाम की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। इसमें संबंधित आईजी को सदस्य के रूप में रखा गया है। इस कमेटी को दायित्व सौंपा गया है कि वह कर्मचारियों, सुरक्षा, परिवहन, उपकरण तथा अन्य जरूरतों का आकलन करे।
साथ ही यदि किसी प्रकार की दिक्कत हो तो उसे चिह्नित कर अपनी रिपोर्ट राज्य स्तरीय कमेटी को सौंपे। सामान्य प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि संभागीय स्तर की समिति 15 जनवरी और राज्य स्तरीय समिति 31 जनवरी तक अपनी रिपोर्ट सौंपे।