रियासत में होने वाले पांच चरणों के विधानसभा चुनाव को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा केंद्र से मांगी गई कंपनियों में से आधी से कुछ ज्यादा मिल पाईं हैं। राज्य सरकार ने सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, सीआईएसएफ और आरपीएफ की 520 अतिरिक्त कंपनियों की मांग की थी, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रियासत के लिए 381 कंपनियों को ही अनुमति दी है।
इस तरह केंद्र सरकार से चुनाव के लिए लगभग 38 हजार जवान भेजे जाएंगे। अब पुलिस प्रशासन को चुनाव कार्यों के लिए अर्द्धसैनिक बलों के स्थान पर जेएंडके पुलिस के जवानों को तैनात करना होगा। वर्ष 2008 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान रियासत में तैनात 79 कंपनियों के अलावा 600 अतिरिक्त कंपनियां चुनाव संचालन के लिए दी गईं थीं। लेकिन इस बार इसे आधा कर दिया गया है। इससे खासकर पोलिंग बूथों पर सुरक्षा व्यवस्था एक चुनौती बन गई है।
एक उच्च पुलिस अधिकारी का कहना था कि ऐसे में 381 कंपनियों को ही अलग-अलग चरण में होने वाले मतदान में एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना होगा। हालांकि कुछ कंपनियां स्ट्रांग रूम में स्थायी तौर पर रखनी पड़ेंगी। पुलिस प्रशासन ने छह डीआईजी स्तर के अधिकारियों को नोडल अफसर बनाया है, जो सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल का काम करेंगे।
साथ ही संवेदनशील इलाकों में चुनावी रैली के लिए सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी अतिरिक्त पुलिस बल की जरूरत है। राजनीतिक नेताओं और उम्मीदवारों के बिना विघ्न आने-जाने के लिए नियमित तौर पर रोड ओपनिंग पार्टियां तैनात की जाएंगी। रियासत में 25 नवंबर से 20 दिसंबर तक मतदान होगा, जबकि 23 दिसंबर को गिनती होगी।