केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के सात जून से शुरू हो रहे जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर सभी की निगाहें टिकीं हुई हैं। केंद्र की ओर से अलगाववादियों से बातचीत के लिए तैयार होने की घोषणा और एकतरफा सीजफायर के बाद उनकी यात्रा को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
माना जा रहा है कि आम कश्मीरियों का दिल जीतने और विश्वास बहाली के लिए घाटी में एकतरफा सीजफायर की अवधि बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। महबूबा सरकार के साथ ही अलगाववादियों की भी इस पर नजर है।
अपने दौरे के दौरान गृहमंत्री श्रीनगर में सात जून को सुरक्षा बलों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर रमजान के महीने में सीजफायर की घोषणा के बाद उत्पन्न स्थितियों की समीक्षा करेंगे।
सीजफायर के बाद आतंकी घटनाओं और पत्थरबाजी में कितनी कमी आई, की रिपोर्ट भी गृहमंत्री के समक्ष रखी जाएगी। आतंकवाद निरोधक अभियानों को रोके जाने से आम लोगों को कितनी राहत पहुंची है, इसका भी अध्ययन किया जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्री अपने दौरे में पत्थरबाजी, आतंकी घटनाओं तथा घुसपैठ की कोशिशों पर भी चर्चा करेंगे। राजनाथ की घोषणा के बाद वार्ता की संभावना तलाशने के लिए अलगाववादियों ने छह सदस्यीय समिति भी बनाई है।
कमेटी में शामिल सैय्यद अली शाह गिलानी, मीरवाइज मौलवी उमर फारूक व यासीन मलिक ग्रुप के दो-दो सदस्यों ने आम कश्मीरियों के बीच रायशुमारी भी शुरू कर दी है। इसे सकारात्मक संकेत मानते हुए माना जा रहा है कि दौरे के दौरान कुछ खिचड़ी पक सकती है।
महबूबा की ओर से भी लगातार अलगाववादियों से वार्ता प्रक्रिया का हिस्सा बनने की अपील की जा रही है। हालांकि, अलगाववादियों के ज्वाइंट रेजिस्टेंस लीडरशिप (जेआरएल) की 29 मई को हुई बैठक में यह स्पष्ट किया गया था कि वह बातचीत को तैयार हैं, लेकिन केंद्र को अपना रुख साफ करना होगा। कश्मीर मसले के हल के लिए तीनों हितधारक भारत, पाकिस्तान व कश्मीर को साथ रखना होगा।
गोलाबारी से क्षति का जायजा भी लेंगे गृहमंत्री
केंद्रीय गृहमंत्री अपने दौरे के दूसरे दिन आठ जून को पाकिस्तानी गोलाबारी से हुए जान-माल की क्षति का जायजा लेने के साथ ही लोगों के दुख दर्द पर भी मरहम लगाएंगे। जवानों से मिलकर उनका हौसला बुलंद करेंगे।
पिछले दिनों गोलाबारी के कारण हजारों लोगों को घर बार छोड़ना पड़ा था। डीजीएमओ स्तर पर सीजफायर पर सहमति बनने के पांच दिन बाद ही पाकिस्तान ने नए इलाके परगवाल, कानाचक्क व खौड़ सेक्टर में आईबी पर गोले दागे थे।
इससे पहले सात जून को वे कुपवाड़ा जिले में बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे।