ऑल पार्टीज सिख कोआर्डिनेशन कमेटी (एपीएससीसी) ने एक संगठन द्वारा श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक में 16 मई को तिरंगा फहराने को लेकर चिंता व्यक्त की है। कमेटी के अनुसार, ऐसा करने से कश्मीर के विभिन्न समुदायों में सांप्रदायिक उन्माद की स्थिति पैदा हो सकती है।
एपीएससीसी के अध्यक्ष जगमोहन सिंह रैना ने एक बयान जारी कर बताया कि कश्मीर में विभिन्न समुदायों के बीच के भाईचारे को खराब करने के लिए अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर के बीचो बीच तिरंगे के लहराने से गंभीर प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं। यहां तक कि घाटी में कानून व्यवस्था पर भी संकट मंडरा सकता है।
रैना के अनुसार, यूथ फॉर नेशन नामक संगठन द्वारा 16 मई को तिरंगा लहराने के ऐलान से कश्मीर में रहने वाले सभी लोग चिंतित हैं। जगमोहन सिंह रैना के अनुसार, तिरंगा लहराने की घोषणा के बाद कश्मीर के एक कट्टरपंथी गुट संगबाज (पत्थरबाज) गुट द्वारा इसका जवाब देने का ऐलान करते हुए अपनी ऑडियो क्लिप सोशल साइट्स पर वायरल की हुई है।