अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की अगुवाई वाली मुस्लिम लीग ने शनिवार को श्रीनगर में एक प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि घाटी में हरे झंडे लहराना नई बात नहीं। मुस्लिम लीग के उपाध्यक्ष मोहम्मद यूसुफ मीर ने कहा कि अगर पाकिस्तानी झंडे लहराना गलत है, तो वह यह गलती बार-बार दोहराएंगे।
उन्होंने कहा कि 1947 से कश्मीर में पाकिस्तानी झंडे लहराए जा रहे हैं। वर्ष 1983 में भारत और वेस्टइंडीज के बीच हुए क्रिकेट मैच की घटना का हवाला देते हुए मीर ने कहा कि उस मैच के दौरान भी पाकिस्तानी झंडे लहराए गए थे। पाकिस्तान के समर्थन में नारे भी लगाए गए थे।
उन युवाओं के खिलाफ मुकदमा चलाए जाने के बाद उन्हें रिहा भी किया गया था। मीर ने सरकार को चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि अगर उनके नेता मसर्रत आलम को जल्द रिहा नहीं किया गया, तो मुस्लिम लीग द्वारा मुहिम तेज की जाएगी और सामूहिक गिरफ्तारियां भी समर्थकों द्वारा दी जाएंगी। इसके अलावा उन्होंने त्राल और नारबल में हुई मौतों पर अफसोस जताया।
जेकेएलएफ अध्यक्ष का 30 घंटे का अनशन
जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के अध्यक्ष मोहम्मद यासीन मलिक ने कश्मीरी विस्थापितों के लिए अलग टाउनशिप बनाने के केंद्र के प्रस्ताव के विरोध में शनिवार को 30 घंटे का अनशन शुरू किया। जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह यासीन मलिक समर्थकों और कुछ स्थानीय कश्मीरी पंडितों समेत माईसुमा इलाके में अनशन पर बैठे।
अनशन पर बैठे यासीन ने कहा कि कश्मीर में सदियों से एक साथ रहने की परंपरा रही है। चाहे वह कश्मीर का कोई भी हिस्सा हो। उन्होंने कहा कि सरकार कश्मीरी पंडितों के लिए अलग टाउनशिप बनाकर उन्हें तनाव भरे माहौल में रखना चाहती है। यासीन के अनुसार अगर सरकार सच में उन्हें बसाना चाहती है, तो वह उन्हें इंसानियत और भाईचारे के दायरे में रख बसाए।
जेकेएलएफ नेता द्वारा किए गए इस अनशन के दौरान उनका समर्थन करने स्वामी अग्निवेश भी पहुंचे।
अच्छे माहौल को खत्म कर रही सरकार: स्वामी
स्वामी अग्निवेश ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार अलग टाउनशिप को स्थापित कर एक अच्छा वातावरण खत्म करना चाहती है। अग्निवेश ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वह मुख्यमंत्री से कहना चाहते हैं कि उनसे लोगों को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन उन पर पानी फिर गया। उन्होंने कहा कि अभी भी समय हैं।
मुख्यमंत्री अगर चाहें तो हालात सुधर सकते हैं। इसके बाद जेकेएलएफ नेता यासीन मलिक, स्वामी अग्निवेश और उनके समर्थक बडगाम के नारबल में हुई किशोर की मौत पर उसके घर की ओर बढ़ने लगे। लेकिन वहां पहले से तैनात पुलिस बल ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक लिया।
इसके साथ ही यासीन मलिक, स्वामी अग्निवेश सहित समर्थकों को पुलिस हिरासत में ले लिया गया। वहीं, जेकेएलएफ के समर्थकों ने नारबल में हुई मौत के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए कैंडल मार्च किया। मोमबत्तियां जलाकर और हाथों में मृतक किशोर सुहैल अहमद के फोटो लिए उन्होंने रोष व्यक्त किया।