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अमरनाथ यात्रा पर हमले की साजिश में हिजबुल का फिदायीन दस्ता, एजेंसियों को मिले इनपुट

Fri, 30 Jun 2017 02:38 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र,अमर उजाला/जम्मू
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प्रतीकात्मक चित्र
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हिजबुल मुजाहिदीन ने जुलाई के पहले हफ्ते में अमरनाथ यात्रियों को निशाना बनाने की साजिश बुनी है। हिजबुल सरगना सलाहुद्दीन को अतंरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किए जाने के बाद से घाटी में मौजूद हिज्ब के आतंकी बौखलाए हुए हैं और अपनी मौजूदगी को प्रमाणित करने के लिए यात्रा को निशाना बनाने की ताक में हैं।
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सुरक्षा एजेंसियों को इस आशय के इनपुट मिले हैं। एजेंसियां मानती हैं कि यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर जुलाई का पहला पखवाड़ा ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। आतंकी बुरहान वानी की बरसी 8 जुलाई से पहले हिजबुल किसी बड़े हमले की साजिश रच रहा है।

इस दौरान हिजबुल ने एक सप्ताह का बंद रखा है। अमेरिका द्वारा हिजबुल सरगना को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किए जाने के बाद अब यह आतंकी संगठन कश्मीर में अपनी ताकत दिखाने के लिए बड़े हमले की फिराक में है। 
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प्रतीकात्मक चित्र
सेना और सुरक्षा बलों द्वारा हाल के दिनों की कार्रवाई में हिजबुल को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। इसके एक दर्जन बड़े आतंकी ढेर हो चुके हैं, लेकिन अब भी सलीम पाडर और नाइकू जैसे आतंकियों के दस्तों में घाटी के दर्जनों आतंकी शामिल हैं।

एजेंसियों को मिले इनपुट के मुताबिक आतंकियों के पाकिस्तान में मौजूद हैंडलरों से हुई बातचीत को सुरक्षा एजेंसियाें ने इंटरसेप्ट किया है। संदेश पकड़े गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था के बाबत समीक्षा की है। इसके बाद सतर्कता बढ़ा दी गई है। 

अमरनाथ यात्रा के पहलगाम और बालटाल दोनों ही रूट के हिस्सों में हिजबुल की पैठ रही है। पहलगाम और सोनमर्ग में हिजबुल ने पिछले दिनों लगातार अपनी मौजूदगी दिखाई है। यात्रा के मद्देनजर सेना और सुरक्षा बलों ने दक्षिण कश्मीर के कई हिस्सों को खंगाल डाला है, लेकिन अब भी आतंकियों के गुट जंगलों में छिपे हैं। लिहाजा सुरक्षा के अलावा तलाशी अभियान को भी जारी रखा गया है। 
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चिनैनी नाशरी और जवाहर टनल की सुरक्षा बढ़ाई

चिनैनी-नाशरी टनल - फोटो : file photo
एजेंसियों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि चिनैनी-नाशरी टनल और जवाहर टनल से लेकर पहलगाम तक का इलाका ज्यादा संवेदनशील है। काजीगुंड में पहले कई बार सेना के काफिले पर हमले हो चुके हैं। इसलिए काजीगुंड को सुरक्षा के दृष्टिकोण से सील किया जा रहा है। एशिया की सबसे बड़ी चिनैनी नाशरी सड़क सुरंग में सुरक्षा के तकनीकी उपकरण और सुरक्षित समानांतर सुरंग पहले ही बनाए जा चुके हैं, लेकिन जवाहर टनल पर खतरा बरकरार है। दोनों सुरंग मार्ग से अमरनाथ यात्री गुजरते हैं। सिर्फ इन दोनों की सुरक्षा के लिए लगभग ढाई हजार जवान लगाए गए हैं। पूरे हाईवे की सुरक्षा पर कम से कम 5 हजार जवानों की तैनाती की गई है। यात्रा की सुरक्षा के लिए 40 हजार से अधिक जवान हैं। 
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