आरएसएस ने राजोरी दलोगड़ा में हिंदू सम्मेलन करवाया,
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रविवार को दलोगड़ा स्थित श्री भोली माता आश्रम में हिंदू सम्मेलन करवाया गया। इसमें संघ के पर्यावरण विभाग प्रमुख संजय शर्मा ने हिंदू समाज को जाति, भाषा और क्षेत्र से ऊपर उठकर एकजुट होने, सनातन संस्कृति की रक्षा करने और भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि सनातन की चिर पुरातन परंपरा है। कभी भी किसी पर आघात करने की परंपरा नहीं रही है। सनातन का मूल स्वभाव सह-अस्तित्व, समन्वय और सर्वकल्याण का रहा है। सनातन की इस उदारता और सहिष्णुता को उसकी कमजोरी समझने का दुस्साहस नहीं किया जाना चाहिए। श्री भोली माता के भगत श्रीश्री दिलबाग महाराज ने कहा कि सनातन धर्म कोई पंथ नहीं बल्कि जीवन जीने की चिरंतन पद्धति है जो सृष्टि के आरंभ से मानवता को सत्य, अहिंसा, करुणा और समरसता का मार्ग दिखाता आया है। हिंदू संस्कृति की जड़ें अत्यंत प्राचीन, गहन और वैज्ञानिक हैं। इसमें नारी सिर्फ परिवार की धुरी नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है।