केंद्रीय गृह मंत्रालय के विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) अशोक प्रसाद और संयुक्त सचिव (के) रजीत पुनहानी ने पुलिस महानिदेशक के साथ श्रीनगर पुलिस मुख्यालय में बैठक कर अमरनाथ यात्रा पर देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को किए गए प्रबंधों पर विस्तार से चर्चा की। इसके साथ ही केंद्रीय सचिवों ने डीजीपी को सुरक्षा संबंधी कुछ विशेष सुझाव भी दिए।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय विशेष सचिव अशोक प्रसाद रियासत के पुलिस महानिदेशक भी रह चुके हैं। जबकि केंद्रीय सचिव पुनहानी गृह मंत्रालय में कश्मीर मामलों के इंचार्ज हैं। केंद्रीय सचिवों से बैठक से पहले बुधवार को डीजीपी ने पुलिस, अर्द्धसैनिक बलों और खुफिया एजेंसियों के अफसरों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इसमें सुरक्षा संबंधी विभिन्न मुद्दों पर गहन विचार किया गया।
बताया जा रहा है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दोनों यात्रा मार्ग पर जगह-जगह स्कैनिंग मशीनें लगाई जाएंगी ताकि शरारती तत्व अप्रिय घटना को अंजाम न दे सकें। इस दौरान डीजीपी ने सुरक्षा तैयारियों के संबंध में बनाई गई योजना को प्रभावशाली ढंग से लागू करने के लिए बालटाल और चंदनबाड़ी मार्ग में उचित स्थानों पर स्कैनिंग मशीनों की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए।
डीजीपी ने यात्रा कैंपों में ज्वाइंट कंट्रोल रूप और आपदा प्रबंधन व्यवस्था की भी जानकारी ली। दोनों यात्रा मार्गों पर डाग स्क्वायड और पर्वतीय बचाव टीमों के लिए स्थानों के चयन पर भी विचार किया गया। डीजीपी ने अफसरों को सख्य हिदायत दी कि बिना उचित परमिट वाले यात्रियों को यात्रा करने की इजाजत न दी जाए।
प्रभावशाली ट्रैफिक प्रबंधन
डीजीपी ने जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर से लेकर आधार शिविरों तक ट्रैफिक प्रबंधन की प्रभावशाली व्यवस्था का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। हाईवे पर जाम की स्थिति पैदा न हो, इसके लिए विशेष इंतजाम करने पर विचार किया गया। उन्होंने अफसरों को रोजाना ट्रैफिक व्यवस्था की समीक्षा करने को कहा। वाहनों की पार्किंग तय स्थानों पर ही करवाने के लिए कड़ाई करने को कहा।