राजोरी जिले के सुंदरबनी ट्राई-जंक्शन क्षेत्र में सोमवार को पुलिस, सेना और सीएपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त सुरक्षा समीक्षा एवं समन्वय बैठक हुई। बैठक ऐसे समय में हुई है, जब सुंदरबनी सेक्टर के जंगलों में संदिग्ध आतंकियों की गतिविधि के बाद बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चल रहा है। ट्राई-जंक्शन वह संवेदनशील क्षेत्र है, जहां जम्मू, राजोरी और रियासी जिलों की सीमाएं मिलती हैं।
बैठक की संयुक्त अध्यक्षता डीआईजी उधमपुर-रियासी रेंज शिव कुमार शर्मा और डीआईजी राजोरी-पुंछ रेंज संदीप वजीर ने की। अधिकारियों ने क्षेत्र की मौजूदा सुरक्षा स्थिति, बलों की तैनाती और तलाशी अभियान की समीक्षा की। तीनों जिलों के बीच बेहतर समन्वय, खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और किसी भी चुनौती पर तत्काल प्रतिक्रिया को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए। ट्राई-जंक्शन की संवेदनशीलता को देखते हुए यहां सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
जंगलों से होकर संदिग्ध गतिविधियों की संभावना को देखते हुए सुरक्षा बलों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। बर्फबारी शुरू होने से पहले जंगलों में छिपे आतंकियों की तलाश पूरी करने के लिए अभियान को भी गति देने पर जोर है। दरअसल, एलओसी से सटे सुंदरबनी के लारडिया गांव में हाल में एक व्यक्ति को आतंकियों ने बंदूक की नोक पर अगवा किया था। जंगल के रास्ते कुछ दूर ले जाने के बाद उसे छोड़ दिया गया।
इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ाई गई है और लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने जवानों को सतर्क रहने के साथ स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अंतर-जिला तालमेल को अभियान की सफलता के लिए अहम बताया गया।