ठेकेदार को लंबित भुगतान न करने के मामले में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने बिजली वितरण निगम कश्मीर के प्रबंध निदेशक (एमडी) और निगम के कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) का वेतन रोक दिया है। अवमानना याचिका में कोर्ट ने कहा कि दो माह तक दोनों अधिकारी अपना वेतन नहीं निकलवा पाएंगे। कोर्ट ने एमडी को चेक साथ लेकर आने के निर्देश दिए थे।
एमडी ने अपनी जगह एक्सईएन को भेज दिया। न्यायाधीश संजीव कुमार ने सुनवाई के दौरान पाया कि ठेकेदार को बिजली खंभों पर पेंट करने का ठेका दिया गया था। वर्ष 2018-19 में किए गए काम के लिए 22.91 लाख रुपये का भुगतान किया जाना था। निगम ने काम पर संतुष्टि जताने के बावजूद भुगतान नहीं किया।
जब यह याचिका कोर्ट में आई तो अदालत ने छह सप्ताह में राशि जारी करने का आदेश दिया। इस पर भी निगम ने भुगतान नहीं किया। अवमानना याचिका दायर होने पर कोर्ट ने तीन सप्ताह की मोहलत देकर कहा था कि तीन सप्ताह बाद एमडी चेक के साथ खुद कोर्ट में हाजिर हों ताकि लंबित भुगतान कराया जाए।
अब जब सुनवाई हुई तो एमडी खुद हाजिर नहीं हुए, बल्कि उनकी जगह कार्यकारी अभियंता को भेज दिया गया। कार्यकारी अभियंता ने भुगतान के लिए अतिरिक्त दो माह के समय की मांग की। कोर्ट ने एमडी की अनुपस्थिति का कड़ा संज्ञान लेकर कहा कि दो माह के लिए एमडी और कार्यकारी अभियंता को अपना वेतन निकलवाने पर रोक लगाई जाती है।
- जेएनएफ