हाईकोर्ट के जस्टिस वीरेंद्र सिंह और जस्टिस ताशी राबस्तन की खंडपीठ ने राज्य जवाबदेही आयोग में जजों की नियुक्ति के मामले में सरकार से दो दिन के अंदर रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
भ्रष्टाचार के बहुचर्चित केस में जवाबदेही आयोग के अलावा सूचना आयोग और विजिलेंस आयोग में स्टाफ की कमी सामने आने के मामले में दायर आवेदन पर अदालत ने आदेश दिए।
सुनवाई के लिए जब यह मामला खंडपीठ के सामने आया तो सीनियर एडिशनल एडवोकेट जनरल गगन बसोत्रा ने अदालत से इस संबंध में दो दिन का समय देने का आग्रह किया।
इस पर खंडपीठ ने सीनियर एएजी को कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि रिपोर्ट विस्तृत हो और आठ जुलाई, 2014 के आदेश के पारा नौ की पूरी जानकारी हो। इसमें बेंच ने जवाबदेह आयोग में जजों की नियुक्ति के संबंध में जानकारी मांगी है।
बेंच ने कहा कि उन्हें जानकारी दी गई है कि आयोग के चेयरमैन और सदस्य दोनों ही पूर्व जज हैं और उनका कार्यकाल अगस्त 2014 में समाप्त हो रहा है।
लेकिन यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि उनके बाद खाली पदों को भरने के लिए क्या प्रक्रिया की गई। यदि जल्द चेयरमैन और सदस्य नियुक्त न किए गए तो आयोग मृत बाडी बन जाएगी।
अदालत ने गृह विभाग से तत्काल इन पदों को भरने के लिए कदम उठाने को कहा गया था। अदालत ने मामले को 14 अगस्त के लिए सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए।