जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सोनमर्ग विकास प्राधिकरण को 11 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर यह बताने का निर्देश दिया कि वह सोनमर्ग के घास के मैदानों और ग्लेशियर को कैसे संरक्षित करेंगे।
पिछली सुनवाई में अदालत ने स्पष्ट किया था कि यदि सोनमर्ग विकास प्राधिकरण जैसी संस्थाएं कोई विकास कार्य करने की स्थिति में नहीं हैं, तो न्यायालय ऐसे प्राधिकरणों को बंद करने के लिए सरकार को सिफारिश करेगा क्योंकि सफेद हाथियों को रखने का कोई फायदा नहीं है। विकास कार्य न करने की स्थिति में ऐसी संस्थाओं में केंद्र अथवा प्रदेश सरकार से फंड के रूप में मिलने वाले जनता के पैसों की हेराफेरी ही होगी।
इस बीच अधिकारियों ने अदालत को सूचित किया कि सोनमर्ग में होटल स्नोलैंड में एक इनडोर स्विमिंग पूल, व्यायामशाला और स्पा के निर्माण की अनुमति मांगने वाले आवेदन को बीओसीए (बिल्डिंग ऑपरेशंस कंट्रोलिंग अथॉरिटी) को भेज दिया गया है।
एसडीए का प्रतिनिधित्व करने वाले सरकारी वकील ने अदालत को जुलाई 2021 में दायर किए गए आवेदन की सही स्थिति के बारे में सूचित करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा। अदालत ने कहा, आवेदन के संबंध में एक नया हलफनामा दाखिल करें।