जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने माता वैष्णो देवी के दर्शन व पूजा के व्यवसायीकरण की जनहित याचिका को मंजूर किया और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के कार्यकारी अधिकारी व अन्यों को नोटिस जारी किया।
एडवोकेट सुमित नायर ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका पेश कर माता वैष्णो देवी विकास बोर्ड के 31 मई 2008 और 11 मार्च 2008 के आदेशों को रद्द करने की अपील की।
याचिका में बताया गया बोर्ड ने माता वैष्णो देवी मंदिर में पूजा-अर्चना व पूजा के दौरान बैठने के लिए रेट फिक्स किया गया है। पवित्र गुफा के बाहर व अंदर दो आरती होती है। चौबीस घंटे में दो बार आरती होती है और लोगों को भी भीड़ भी पूरा वर्ष रहती है।