जम्मू शहर में गंदे पानी की सप्लाई के मामले में दायर जनहित याचिका का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर दिया है। याची की ओर से ब्यूरो आफ इंडियन स्टैंडर्ड की सर्वे रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। इसमें कहा गया है कि जम्मू शहर दूषित पेयजल आपूर्ति मामले में दिल्ली के बाद देश में दूसरा शहर है। अगली सुनवाई के लिए इस मामले को मार्च माह में लिस्ट किया जाएगा।
दो वकीलों आदित्य शर्मा और रामेश्वर पाधा ने यह याचिका दायर की है। बुधवार को चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस राजेश बिंदल वाली खंडपीठ ने इस याचिका पर सुनवाई की। एडवोकेट आदित्य शर्मा ने कोर्ट में कहा कि सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि लोगों के नल तक साफ पानी पहुंचाए। लेकिन सरकार ऐसा करने में असफल रही है। लोगों को जीने का हक नहीं मिल पा रहा है।
बहस के दौरान शर्मा ने कहा कि ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआईएस) ने हाल ही में सर्वे किया। इसमें पूरे जम्मू शहर से पीने के पानी के सैंपल लिए गए। लेकिन सभी के सभी सैंपल फेल हो गए। जम्मू देश का दूसरा ऐसा शहर है, यहां दिल्ली के बाद सबसे गंदा पानी दिया जा रहा है। इसकी वजह से लोगों को कैंसर, हृदय रोग जैसी बीमारियों से जूझना पड़ रहा है। इन दलीलों के मद्देनजर हाईकोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर दिया। साथ ही इस मामले को मार्च महीने सुनवाई के लिए लिस्ट किया गया।