घाटी में लगातार बढ़ रही चोटी काटने की घटनाओं के खिलाफ बुधवार को वकील सड़कों पर उतरे और प्रदर्शन रैली निकाली। जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट बार एसोशिएशन के बैनर तले वकील, जिनमें बड़ी संख्या महिलाओं की थी, ने श्रीनगर हाईकोर्ट से लाल चौक तक रैली निकाली गई। उन्होंने इसे स्टेट टेरेरिज्म ठहराया।
लाल चौक के घंटाघर के पास संबोधित करते हुए बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मियां कयूम ने कहा कि यह जो घटनाएं घट रही हैं, काफी चिंता का विषय है। इसके लिए हम सबको एकजुट होकर आवाज उठाने की जरूरत है। आज हम वकीलों ने आवाज उठाई है।
एक महिला वकील ने कहा कि हमें लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जिससे खौफ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती खुद एक महिला हैं और अभी तक उनकी ओर से कोई बयान नहीं आया है। ऐसा लगता है कि वह बाकी के कामों में व्यस्त हैं।