रसाना में दुष्कर्म के बाद मारी गई आठ साल की बच्ची के असली माता-पिता मौजूूदा समय में उधमपुर के इलाके में अपने माल मवेशी और डेरे के साथ ठहरे हैं। उन्होंने बेटी की हत्या के मामले में चल रही जांच पर संतुष्टि जताई है।
बच्ची के असली पिता ने बताया कि जब बच्ची एक वर्ष की थी तो साले ने उसके सामने बच्ची को गोद लेने का प्रस्ताव रखा और उन्होंने भी इसके लिए हां कर दी। क्योंकि एक सड़क दुर्घटना में उसके मामा के तीन बच्चों की मौत हो गई थी। वह भांजी को अपनी बेटी की तरह रखना चाहता था।
उनके डेरे छह महीने कारगिल और छह महीने कठुआ व सांबा में रहते हैं। जब कारगिल में रहते थे तो पूरा परिवार एक साथ रहते थे। लेकिन जम्मू संभाग में आने पर बच्ची अपने मामा के साथ रसाना में रहती थी और माता-पिता अपने परिवार के साथ सांबा में रहते थे।
सांबा में रहते हुए कभी-कभार ही बेटी से मिलना होता था। दस जनवरी को जब बच्ची के गायब होने की सूचना मिली तो उसके माता-पिता परिवार सहित रसाना पहुंच गए। वहां बच्ची की मौत के बारे में जानकारी मिली तो यकीन ही नहीं हुुआ। आखिर कोई इतनी छोटी बच्ची के साथ यह सब कैसे कर सकता है?
बच्ची के माता-पिता ने बस एक ही मांग की है कि उसकी बेटी को इंसाफ मिले और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। पिता ने मौजूदा समय में चल रही जांच से संतुष्टी जताई। उसका कहना था कि सीबीआई जांच की कोई जरूरत नहीं है। पिता ने बताया कि शनिवार को सभी डेरे के साथ घाटी की तरफ निकल पड़ेंगे।