जम्मू। पिछले कई हफ्तों से बारिश न होने और मौसम के साफ रहने से वायरल इंफेक्शन में वृद्धि हुई है। प्रदेश के लगभग हर घर से कोई व्यक्ति वायरल बुखार, खांसी, जुकाम और छाती की इंफेक्शन से पीड़ित है। सूखी सर्दी से त्वचा संबंधी समस्याएं भी बढ़ी हैं। खासतौर पर शारीरिक रूप से कमजोर होने के कारण बच्चे और बुजुर्ग अधिक प्रभावित हैं। अस्पतालों में बड़ी संख्या में ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें वायरल इंफेक्शन कई-कई दिन तक रहती है। कोविड के बीच ऐसी वायरल इंफेक्शन चुनौती रहती है।
छाती संबंधी रोगों के साथ त्वचा बीमारियों में चेहरे, गले, कान सहित शरीर के अन्य हिस्सों में एलर्जी की समस्या बढ़ी है। इससे बच्चों से लेकर हर आयु वर्ग के लोग प्रभावित हैं। एसएमजीएस अस्पताल के त्वचा विभाग के एचओडी डा. देवराज डोगरा का कहना है कि सूखी सर्दी में अधिकांश लोग ज्यादा गर्म पानी से स्नान करना शुरू कर देते हैं। इससे जिन लोगों के शरीर में पहले से ड्राइनेस की समस्या होती है वह और अधिक बढ़ जाती है।
सूखी ठंड में शरीर में अधिक ड्राइनेस रहती है। इससे शरीर के बाहरी हिस्सों में खारिश करने के कारण जख्म बन जाते हैं। अधिक खारिश करने से यह जख्म फोड़े-फुंसियों में तब्दील हो जाते हैं। इससे बच्चे अधिक प्रभावित होते हैं। रात को सोते समय गर्म कपड़ों में यह दिक्कत ज्यादा होती है। सूखी ठंड में ड्राइनेस की समस्या से पुरुष अधिक प्रभावित होते हैं, क्योंकि उनकी अधिक मूवमेंट रहती है। सूखी ठंड से डेंड्रर्फ (सिकड़ी) की शिकायत भी बढ़ती है। इसमें सिर पर सीधी सूखी सर्दी लेने से अधिक खारिश होती है। पीड़ित कई बार खारिश करते समय सिर में जख्म कर देता है।
बचाव
1. अधिक गर्म पानी के बजाय गुनगुने पानी से नहाएं
2. सरसों का तेल शरीर पर प्रयोग करें
3. गर्म कपड़ों के नीचे काटन वाले कपड़े पहने
4. ड्राइनेस से बचाव के लिए मॉइस्चराइजर क्रीम का इस्तेमाल करें