जम्मू। आर्थिक तंगी से जूझ रहे वकीलों को जल्द ही बार एसोसिएशन के फंड से सहायता दी जाएगी। एसोसिएशन का काम देखने वाले प्रेसिडियम ने बैठक में इस पर सहमति जताई थी। इसके लिए सदस्यों की कमेटी भी बनाई गई है, जो यह तय करेगी कि किस वकील को वित्तीय मदद देनी है।
प्रेसिडियम के मेंबर एडवोकेट राजेश कोतवाल ने बताया कि कुछ दिन पहले बैठक में तय हुआ था कि बार एसोसिएशन के फिक्स डिपॉजिट से 20 फीसदी निकालकर बार से संबंधित वकीलों को कुछ वित्तीय मदद दी जाएगी। यह तय किया जाएगा कि कितनी मदद करनी है। हालांकि प्रयास यह है कि बार के उन्हीं सदस्यों को मदद मिले जो जम्मू में रहते हैं और इसकी प्रेक्टिस करते हैं।
कोतवाल का कहना है कि पिछले कई महीनों से हाईकोर्ट में फिजिकल सुनवाई बंद है। कुछ वकीलों को छोड़ दिया जाए तो बाकी सब आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। जब तक फिजिकल सुनवाई नहीं होगी। तब तक वकीलों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होना संभव नहीं। हालांकि कुछ समय पहले हाईकोर्ट की ओर से भी वकीलों को तीन हजार रुपये तक की मदद की गई थी।
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चुनाव अभी संभव नहीं
राजेश कोतवाल का कहना है कि बार एसोसिएशन के चुनाव होना भी अभी संभव नहीं है। चुनाव के लिए कम से कम 40 दिन की प्रक्रिया की आवश्यकता है, जबकि 31 जनवरी तक अभी कोर्ट में कोरोना महामारी की वजह से बंदिशें हैं। जब तक कोर्ट पूरी तरह से काम नहीं करता। तब तक चुनाव कराना संभव नहीं। बार के कई सदस्यों ने भी अभी चुनाव न कराने की बात कही है।