आईएस जेके प्रमुख दाउद के मुठभेड़ में मारे जाने की खबर मिलते ही उसके पैतृक आवास एचएमटी के आस-पास के इलाके में हिंसा भड़क उठी। सुरक्षा बलों पर भारी पथराव किया गया।
पथराव कर रही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इसके बाद भी पथराव नहीं थमा तो आंसू गैस के गोले दागे गए। फिर पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया। कई राउंड हवाई फायरिंग करनी पड़ी। इस दौरान दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। इनमें कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
पत्थरबाजी के चलते पूरे इलाके की सड़कें ईंट पत्थर से पट गई हैं। सुरक्षा बलों को गाड़ियों की आड़ लेकर भीड़ को काबू करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्ष 2010 में उमर सरकार के दौरान इतने व्यापक पैमाने पर पत्थरबाजी हुई थी। पूरे इलाके में लगभग छह घंटे तक शाम सात बजे तक पत्थरबाजी चलती रही। पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति है।