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अमर उजाला ग्राउंड रिपोर्ट : बर्फ से ढके पहाड़, जानिए कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड का क्या है हाल

Fri, 08 Nov 2019 05:46 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू/शिमला/देहरादून

सार

  • जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड एवं हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी लगातार जारी
  • मौसम के कारण जम्मू-कश्मीर में गई सात लोगों की जान
  • कई जगहों पर यातायात प्रभावित, यात्रा करते समय रहें सावधान
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बर्फबारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड एवं हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी लगातार जारी है। जम्मू-कश्मीर में बारिश-बर्फबारी से अलग-अलग स्थानों पर गुरुवार (7 नवंबर) को चार लोगों की मौत हो गई। उधर उत्तराखंड में चार धाम सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बर्फबारी हुई। हिमाचल के पर्वतीय इलाकों में सर्दियों का पहला हिमपात हो चुका है। इस बार कई इलाकों में वक्त से पहले ही भारी बर्फबारी हुई है। अरब सागर में उठे चक्रवात ‘महा’ के कारण बने पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव देश के कई प्रदेशों में दिखाई दिया। अमर उजाला ने बर्फबारी को लेकर ग्राउंड रिपोर्ट की है ताकि आपको इन प्रदेशों में मौसम की स्थिति और यातायात का अंदाजा हो सके। आइए एक नजर डालते हैं प्रदेशों की स्थिति पर-

हाल-ए-जम्मू-कश्मीर 

जम्मू-कश्मीर में गुरुवार (7 नवंबर) को बर्फबारी और बारिश आफत लेकर आई। इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर चार लोगों की मौत हो गई। श्रीनगर में सीजन की पहली बर्फबारी हुई। मौसम का असर हवाई उड़ानों पर भी पड़ा। श्रीनगर हवाई अड्डे से कई उड़ानें रद्द कर दी गईं जबकि जम्मू से आधा दर्जन उड़ानें प्रभावित हुईं। उधर, जवाहर टनल पर बर्फबारी के चलते एहतियातन जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई।

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गईं सात जानें

  • प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर हुए विभिन्न हादसों में सात लोगों की मौत हो चुकी । उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले की फारवर्ड पोस्ट पर हिमस्खलन की चपेट में आने से सेना की 24 ग्रेनेडियर के दो स्थानीय पोर्टरों ने दम तोड़ दिया। इनकी पहचान मंजूर अहमद और इशहाक खान के रूप में हुई है।
  • श्रीनगर में बिजली का खंभा गिरने से उसके नीचे दबने दबकर पीडीडी के इंस्पेक्टर मंजूर की मौत हो गई।
  • वहीं, श्रीनगर के हबाक क्षेत्र में चिनार का पेड़ गिरने से उसकी चपेट में आने से एक पैदल यात्री की मौत हो गई।
  • उधमपुर के चिनैनी में हो रही बारिश के दौरान बिजली गिरने से एक युवक बिट्टू राम (27) की मौत हो गई जबकि उसका साथी गंभीर रूप से झुलस गया।
  • कुपवाड़ा में ही बर्फबारी के बीच एक सैन्य वाहन फिसल गया। इसमें दो जवानों की मौत हो गई। 


यातायात की स्थिति
कश्मीर घाटी को जोड़ने वाले जम्मू-श्रीनगर हाईवे को पस्सियां गिरने के कारण बंद कर दिया गया। मुगल रोड पर यातायात एक दिन पहले ही बंद कर दिया गया था। दूसरी ओर श्रीनगर व जम्मू से दर्जनों उड़ानों को खराब मौसम के कारण रद्द की जा चुकी हैं। हवाई व सड़क परिवहन बंद होने से घाटी के देश के दूसरे हिस्सों से संपर्क टूट गया है। 

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जम्मू-कश्मीर में कंट्रोल रूम और हेल्प लाइन नंबर स्थापित
घाटी में भारी बर्फबारी के बीच आपात स्थिति से निपटने और उचित प्रबंधों के लिए कंट्रोल रूम और हेल्प लाइन नंबर स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा नोडल आफिसर तैनात किए गए हैं। विभिन्न विभागों में हेल्प लाइन नंबर जारी किए गए हैं। 
इसमें जिला कार्यालय श्रीनगर में 0194-2477033/ 2452182/ 9419028242/ 9419028251, आरएंडबी में 0194-2313751/ 9419014333, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस 0194-2479488/ 101/9419251908, एमईडी 0914-2497458/ 7889624147, पीडीडी 0194-2452001/ 9419055102, यूईईडी-0194-2500444, एसएमसी 0194-2474499/ 18001807038, पीएमजीएसवाई 9419057213, पीएचई 0194-2452047/ 9469545842, हेल्थ 0194-2452498, ड्रेनेज 9419004325, सैनिटेशन 9419093213, एफसीएससीए 0194-2455019, पुलिस कंट्रोल रूम 0194-2452092/100, ट्रैफिक कंट्रोल रूम 0194-2450022 शामिल हैं। नोडल आफिसर में वली मोहम्मद मीर पीडीडी ( 9419055102, नईम खान (आरएंडबी) 9419014333, बशीर ए. शाह (एफएंडईएस) 9419251908, ए. रशीद भट्ट (एमईडी) 7889624147, इम्तियाज अहमद (ड्रेनेज) 9419004325, निसार अहमद (सैनिटेशन) 9419093213, मुश्ताक ए. वानी (पीएमजीएसवाई) 9419057213, नजीर ए. डार (पीएचई) 9469545842 शामिल हैं।

रोहतांग में हुई बर्फबारी - फोटो : अमर उजाला

हाल-ए-हिमाचल

हिमाचल के पर्वतीय इलाकों में सर्दियों का पहला हिमपात हुआ है। नवंबर में ही कुल्लू का जलोड़ी दर्रा, सोलंगनाला, गुलाबा, केलांग, बिजली महादेव, मंडी का शिकारी देवी, कमरूनाग, किन्नौर का छितकुल और सिरमौर का चूड़धार क्षेत्र बर्फ से लकदक हो गया है। भारी बर्फबारी से रोहतांग और जलोड़ी दर्रे फिर बंद हो गए हैं। शिमला के नारकंडा में भारी ओलावृष्टि से पूरा इलाका सफेद हो गया। रोहतांग दर्रा में 75 सेंटीमीटर, बारालाचा में 90, कुंजुम दर्रा में 60, कोकसर-मढ़ी में 30, जलोड़ी दर्रा में 15, सोलंगनाला में 10, केलांग में पांच, बिजली महादेव में तीन सेंटीमीटर बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है। 

रोहतांग पहुंचे 1500 सैलानी पांच घंटे तक गुलाबा में फंसे
13050 फुट ऊंचाई पर स्थित रोहतांग दर्रे पर बर्फ देखने पहुंचे करीब 1500 पर्यटक गुलाबा में पांच घंटे तक फंसे रहे। गुलाबा से कोठी के बीच फंसे 300 पर्यटक वाहनों को निकालने के लिए मनाली प्रशासन और पुलिस ने रेस्क्यू अभियान चलाया और सभी पर्यटकों को मनाली पहुंचाया गया।

यातायात की स्थिति
  • बर्फबारी के बाद सरयोलसर में वास करने वाली माता बूढ़ी नागिन का कपाट पांच माह तक के लिए बंद हो गया है। दिल्ली-भुंतर और चंडीगढ़ के लिए हवाई उड़ानें भी खराब मौसम के कारण प्रभावित चल रही हैं। दो दिन के भीतर रोहतांग में 110 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई है।
  • कोकसर में 50, जिला मुख्यालय केलांग में 15, कुंजुम दर्रा में 80,  बारालाचा दर्रा में 130, जलोड़ी दर्रा में 20, सोलंगनाला में 15 सेंटीमीटर बर्फबारी होने की सूचना है। बर्फबारी से मनाली-लेह मार्ग और औट-आनी-सैंज हाईवे-305 यातायात के लिए अवरुद्ध हो गया है।
  • वहीं कोठी गांव का मनाली और जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। रोहतांग दर्रा के बंद होने से घाटी में कई वाहन फंस गए हैं। ऐसे में अब घाटी के लोगों और लाहौल के कोकसर में फंसे लोगों को रोहतांग टनल होकर बाहर निकलने की उम्मीद है।
  • चंबा जिले में ताजा बर्फबारी और मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। डलहौजी-खज्जियार, लकड़ मंडी, कॉल हनी, भरमौर-पांगी में चार इंच से लेकर एक फीट तक ताजा हिमपात हुआ है। सलूणी उपमंडल के कई भागों में भी बर्फबारी हुई है। जिले के एक दर्जन मार्ग बारिश और बर्फबारी के चलते हुए बंद चल रहे हैं। 
  • ताजा बर्फबारी से मनाली के प्रमुख पर्यटन स्थल रोहतांग पास, मढ़ी और गुलाबा और सोलंगनाला में सैलानी पहुंच रहे हैं। हालांकि सैलानियों को अभी सोलंगनाला और गुलाबा तक ही जाने की अनुमति है। 
क्या कहते हैं वैज्ञानिक
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार शुक्रवार (8 नवंबर और उसके बाद) मैदानी, मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और हिमपात का पूर्वानुमान है। पूरे प्रदेश में 10 से 14 नवंबर तक मौसम साफ रहने का अनुमान है।
 

उत्तराखंड में बर्फबारी - फोटो : अमर उजाला

हाल-ए-उत्तराखंड

उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं की ऊंची चोटियां बर्फ से लकदक हो गईं। चारों धामों के साथ ही हेमकुंड साहिब और औली में बर्फबारी हुई है। केदारनाथ में देर शाम तक दो इंच और बदरीनाथ धाम में सात इंच और हेमकुंड साहिब में करीब एक फुट तक बर्फ जम गई है।

केदार धाम में तापमान माइनस चार डिग्री रिकॉर्ड किया गया। द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ धाम क्षेत्र में भी हिमपात हुआ है। उधर, मुनस्यारी के खलियाटॉप समेत अन्य हिमालयी चोटियों पर बुधवार रात जमकर बर्फबारी हुई है। बर्फबारी के कारण मुनस्यारी का न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है।

कुल्लू के लिए हेल्पलाइन
आपातकालीन स्थिति में आपदा हेल्पलाइन 1077 पर संपर्क किया जा सकता है। कुल्लू जिला आपदा प्रबंधन की ओर से जारी किया गया है।
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रोहतांग पास - फोटो : अमर उजाला

अगर बर्फबारी का आनंद लेने पहाड़ों पर जा रहे हैं तो बरतें ये सावधानियां

कई बार लोग बर्फबारी का आनंद लेने पहाड़ों पर जाते हैं, लेकिन सावधानी न बरतने के कारण उन्हें परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। ऐसे में अगर आप बर्फबारी का आनंद लेने पहाड़ों पर जाने की योजना कर रहे हैं तो आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए...
  • पहाड़ों पर ऊंचाई में कई बार ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जिसमें सबसे ज्यादा प्रभावित बुजुर्ग लोग होते हैं। ऐसे में अगर आपके साथ कोई बुजुर्ग सदस्य भी हैं या सांस के मरीज हैं तो आप ऑक्सीजन का इंतजाम करके चलें।
  • पहाड़ों पर बर्फ गिरने के समय कहीं ठंड होती है, कहीं मौसम गर्म भी होता है। ऐसे में आप अपने साथ दवाइयां, गर्म कपड़े लेकर चलें।
  • पहाड़ों में कई बार एटीएम की समस्या आती है। ऐसे में आप पर्याप्त मात्रा में नकद लेकर चलें।
  • खाने-पीने के सामान की हल्की-फुल्की चीजें अपने साथ रखें।
  • अपने साथ इमरजेंसी नंबर रखें और जिस इलाके में जा रहे हैं उससे संबंधित जानकारी पहले से कर लें।
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