रोहतांग में हुई बर्फबारी
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हाल-ए-हिमाचल
हिमाचल के पर्वतीय इलाकों में सर्दियों का पहला हिमपात हुआ है। नवंबर में ही कुल्लू का जलोड़ी दर्रा, सोलंगनाला, गुलाबा, केलांग, बिजली महादेव, मंडी का शिकारी देवी, कमरूनाग, किन्नौर का छितकुल और सिरमौर का चूड़धार क्षेत्र बर्फ से लकदक हो गया है। भारी बर्फबारी से रोहतांग और जलोड़ी दर्रे फिर बंद हो गए हैं। शिमला के नारकंडा में भारी ओलावृष्टि से पूरा इलाका सफेद हो गया। रोहतांग दर्रा में 75 सेंटीमीटर, बारालाचा में 90, कुंजुम दर्रा में 60, कोकसर-मढ़ी में 30, जलोड़ी दर्रा में 15, सोलंगनाला में 10, केलांग में पांच, बिजली महादेव में तीन सेंटीमीटर बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है।
रोहतांग पहुंचे 1500 सैलानी पांच घंटे तक गुलाबा में फंसे
13050 फुट ऊंचाई पर स्थित रोहतांग दर्रे पर बर्फ देखने पहुंचे करीब 1500 पर्यटक गुलाबा में पांच घंटे तक फंसे रहे। गुलाबा से कोठी के बीच फंसे 300 पर्यटक वाहनों को निकालने के लिए मनाली प्रशासन और पुलिस ने रेस्क्यू अभियान चलाया और सभी पर्यटकों को मनाली पहुंचाया गया।
यातायात की स्थिति
- बर्फबारी के बाद सरयोलसर में वास करने वाली माता बूढ़ी नागिन का कपाट पांच माह तक के लिए बंद हो गया है। दिल्ली-भुंतर और चंडीगढ़ के लिए हवाई उड़ानें भी खराब मौसम के कारण प्रभावित चल रही हैं। दो दिन के भीतर रोहतांग में 110 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई है।
- कोकसर में 50, जिला मुख्यालय केलांग में 15, कुंजुम दर्रा में 80, बारालाचा दर्रा में 130, जलोड़ी दर्रा में 20, सोलंगनाला में 15 सेंटीमीटर बर्फबारी होने की सूचना है। बर्फबारी से मनाली-लेह मार्ग और औट-आनी-सैंज हाईवे-305 यातायात के लिए अवरुद्ध हो गया है।
- वहीं कोठी गांव का मनाली और जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। रोहतांग दर्रा के बंद होने से घाटी में कई वाहन फंस गए हैं। ऐसे में अब घाटी के लोगों और लाहौल के कोकसर में फंसे लोगों को रोहतांग टनल होकर बाहर निकलने की उम्मीद है।
- चंबा जिले में ताजा बर्फबारी और मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। डलहौजी-खज्जियार, लकड़ मंडी, कॉल हनी, भरमौर-पांगी में चार इंच से लेकर एक फीट तक ताजा हिमपात हुआ है। सलूणी उपमंडल के कई भागों में भी बर्फबारी हुई है। जिले के एक दर्जन मार्ग बारिश और बर्फबारी के चलते हुए बंद चल रहे हैं।
- ताजा बर्फबारी से मनाली के प्रमुख पर्यटन स्थल रोहतांग पास, मढ़ी और गुलाबा और सोलंगनाला में सैलानी पहुंच रहे हैं। हालांकि सैलानियों को अभी सोलंगनाला और गुलाबा तक ही जाने की अनुमति है।
क्या कहते हैं वैज्ञानिक
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार शुक्रवार (8 नवंबर और उसके बाद) मैदानी, मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और हिमपात का पूर्वानुमान है। पूरे प्रदेश में 10 से 14 नवंबर तक मौसम साफ रहने का अनुमान है।
उत्तराखंड में बर्फबारी
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हाल-ए-उत्तराखंड
उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं की ऊंची चोटियां बर्फ से लकदक हो गईं। चारों धामों के साथ ही हेमकुंड साहिब और औली में बर्फबारी हुई है। केदारनाथ में देर शाम तक दो इंच और बदरीनाथ धाम में सात इंच और हेमकुंड साहिब में करीब एक फुट तक बर्फ जम गई है।
केदार धाम में तापमान माइनस चार डिग्री रिकॉर्ड किया गया। द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ धाम क्षेत्र में भी हिमपात हुआ है। उधर, मुनस्यारी के खलियाटॉप समेत अन्य हिमालयी चोटियों पर बुधवार रात जमकर बर्फबारी हुई है। बर्फबारी के कारण मुनस्यारी का न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है।
कुल्लू के लिए हेल्पलाइन
आपातकालीन स्थिति में आपदा हेल्पलाइन 1077 पर संपर्क किया जा सकता है। कुल्लू जिला आपदा प्रबंधन की ओर से जारी किया गया है।
अगर बर्फबारी का आनंद लेने पहाड़ों पर जा रहे हैं तो बरतें ये सावधानियां
कई बार लोग बर्फबारी का आनंद लेने पहाड़ों पर जाते हैं, लेकिन सावधानी न बरतने के कारण उन्हें परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। ऐसे में अगर आप बर्फबारी का आनंद लेने पहाड़ों पर जाने की योजना कर रहे हैं तो आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए...
- पहाड़ों पर ऊंचाई में कई बार ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जिसमें सबसे ज्यादा प्रभावित बुजुर्ग लोग होते हैं। ऐसे में अगर आपके साथ कोई बुजुर्ग सदस्य भी हैं या सांस के मरीज हैं तो आप ऑक्सीजन का इंतजाम करके चलें।
- पहाड़ों पर बर्फ गिरने के समय कहीं ठंड होती है, कहीं मौसम गर्म भी होता है। ऐसे में आप अपने साथ दवाइयां, गर्म कपड़े लेकर चलें।
- पहाड़ों में कई बार एटीएम की समस्या आती है। ऐसे में आप पर्याप्त मात्रा में नकद लेकर चलें।
- खाने-पीने के सामान की हल्की-फुल्की चीजें अपने साथ रखें।
- अपने साथ इमरजेंसी नंबर रखें और जिस इलाके में जा रहे हैं उससे संबंधित जानकारी पहले से कर लें।