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अफजल गुरू की बरसी पर कश्मीर में हिंसा की आशंका, कर्फ्यू जैसे हालात

Thu, 09 Feb 2017 11:42 AM IST
बृ़जेश कुमार सिंह, अमर उजाला/जम्मू
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घाटी में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त - फोटो : File Photo
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संसद पर हमले में शामिल अफजल गुरु की बरसी (नौ फरवरी) पर घाटी में हिंसा की साजिश रची गई है। अलगाववादियों ने बंद का आह्वान किया है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि घाटी में अगले तीन दिन तनावपूर्ण होंगे। 10 फरवरी को जुमे के दिन यूएन चलो की कॉल दी गई है।
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11 फरवरी को अलगाववादियों ने मकबूल भट की बरसी पर फिर बंद का आह्वान किया है। इन तीन दिनों में दोबारा से पत्थरबाजों को भड़काने की साजिश रची गई है। सुरक्षा एजेंसियों के पास इनपुट हैं कि कश्मीर हिंसा के बाद घाटी में अलगाववादियों के फरमान अवाम की ओर से नजरअंदाज किए जाने से बौखलाईं तंजीमों ने दोबारा से पत्थरबाजी के लिए लोगों को भड़काने की साजिश पर काम करना शुरू किया है।

इसके लिए लंबे समय बाद बंद की कॉल दी गई है। पाकिस्तान में जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद को नजरबंद किए जाने से भी राष्ट्रविरोधी तत्व तिलमिलाए हुए हैं। कश्मीर हिंसा केदौरान 5826 पत्थरबाज गिरफ्तार किए गए थे। 2671 लोगों को अशांति फैलाने के आरोप में बंद किया गया था।
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दोबारा पत्थरबाजों को भड़काने की साजिश के खुफिया इनपुट

दोबारा पत्थरबाजों को भड़काने की साजिश के खुफिया इनपुट - फोटो : FILE PHOTO
​हालांकि, इनमें से ज्यादातर रिहा कर दिए गए हैं। अब विभिन्न जेलों में लगभग 125 लोग ही बंद हैं। मुख्यमंत्री के  निर्देश पर समीक्षा के बाद रिहा किए गए लोगों पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर है, लेकिन, दोबारा से पत्थरबाजी के लिए इन्हें भड़काने के भी इनपुट मिल रहे हैं।

घाटी में सीआरपीएफ के प्रवक्ता राजेश यादव का कहना है कि संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त तैनाती की गई है। डाउन टाउन सहित अन्य इलाकों में भी पुख्ता प्रबंध रहेंगे। जिन बटालियनों की वापसी प्रस्तावित थी, उन्हें 12 फरवरी तक रोक लिया गया है।
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हालात पर प्रशासन की नजर

घाटी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम - फोटो : FILE PHOTO
प्रशासन ने उच्च स्तरीय बैठक कर हालात की समीक्षा की है। खुफिया विभाग को अलगाववादियों तथा पत्थरबाजों की गतिविधियों पर निगरानी रखने को कहा गया है। पत्थरबाजों के परिवारों से भी नियमित संपर्क रखा जा रहा है ताकि वे सुनिश्चित कर सकें कि उनके बच्चे दोबारा हिंसक घटनाओं में शामिल न हों।
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