अमरनाथ यात्रियों के काफिले भी फंसे
अधिकारियों ने बताया कि सड़क बंद होने के कारण कई आम यात्री और दो अमरनाथ यात्रियों के काफिले अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि मौसम सुधरते ही आने वाले कुछ घंटों में यातायात फिर से शुरू हो सकता है।
अन्य सड़कों पर भी असर
रामबन के अलावा, किश्तवाड़-सिंथन सड़क भी सिंथन नाला पर आई बाढ़ के कारण बंद हो गई है। राजौरी, पुंछ, रियासी, उधमपुर और डोडा जैसे पहाड़ी जिलों में भी भूस्खलन के कारण कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। उन्हें खोलने का कार्य जारी है।
नुकसान का आकलन जारी
बारिश की वजह से कई कच्चे घर और मवेशियों के लिए बनाए गए शेड्स को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, पूरी जानकारी का आंकलन अभी चल रहा है।
प्रशासन सतर्क
भारतीय मौसम विभाग ने 24 जुलाई तक फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) की चेतावनी जारी की है। इसके बाद जम्मू संभाग के लगभग सभी जिलों में 24x7 कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भी सभी जरूरी एहतियात और तैयारियां करने को कहा गया है।
कहां कितनी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, सबसे ज्यादा बारिश उधमपुर में दर्ज की गई, जहां रातभर में 51.8 मिमी बारिश हुई। इसके बाद रामबन में 20.5 मिमी, रियासी में 17.9 मिमी और जम्मू में 8.5 मिमी बारिश हुई।