जहां कंपनियां कम, वहां अवसर भी सीमित
कौशल विकास विभाग के निदेशक शहजाद आलम ने बताया कि प्रदेश में उद्योगों की संख्या सीमित है। यही कारण है कि इंटर्नशिप देने वाली कंपनियों की भागीदारी भी कम रही है। विभाग की कोशिश है कि जो कंपनियां पहले से मौजूद हैं, वे ज्यादा से ज्यादा युवाओं को इंटर्नशिप दें। इसके लिए औद्योगिक संगठनों से भी मदद लेने की तैयारी है।
इसके अलावा राज्य की भौगोलिक स्थिति भी एक बड़ी बाधा बनती है। मसलन, अगर जम्मू की किसी कंपनी ने कश्मीर के किसी युवा को ऑफर दिया, तो वह दूरी, आने-जाने की परेशानी और रहने की असुविधा के कारण इंटर्नशिप जॉइन करने से कतराता है।
‘युवा ऐप’ के जरिए जागरूकता फैलाने की कोशिश
निदेशक ने यह भी माना कि योजना को लेकर प्रदेश में अभी पर्याप्त जागरूकता नहीं है। हालांकि, विभाग की ओर से प्रचार-प्रसार के प्रयास लगातार जारी हैं। ‘युवा ऐप’ के माध्यम से स्कीम को युवाओं तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। अब तक 50 हजार से ज्यादा लोग यह ऐप डाउनलोड कर चुके हैं। विभाग का मानना है कि जैसे-जैसे जानकारी बढ़ेगी, युवाओं की भागीदारी में भी इजाफा होगा।
जानिए योजना क्या है और कौन कर सकता है आवेदन
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम की घोषणा वर्ष 2024-25 के केंद्रीय बजट में की गई थी। इसका उद्देश्य अगले पांच वर्षों में देशभर के एक करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप का अवसर प्रदान करना है। इसके तहत एक ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया गया है, जिस पर देशभर की कंपनियां अपने यहां उपलब्ध इंटर्नशिप के अवसरों की जानकारी देती हैं। युवा इस पोर्टल पर जाकर अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।
इस योजना में वे युवा आवेदन कर सकते हैं जिनकी आयु 21 से 24 वर्ष के बीच है और जो फिलहाल न तो पढ़ाई कर रहे हैं और न ही किसी नौकरी में हैं। हाई स्कूल, इंटरमीडिएट, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, बीए, बीएससी, बीकॉम, बीबीए, बीसीए, बीफार्मा जैसे कोर्स पूरे कर चुके युवा इस स्कीम के लिए पात्र माने जाते हैं।