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Jammu News: बारिश से घर की छत पर गिरा बिजली का खंभा, बाल-बाल बच गया परिवार

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तालूर के नाले में बाढ़ के चलते रास्ते में ही फंसे रहे स्कूली बच्चे
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हुई बारिश से जनजीवन प्रभावित है। जगह-जगह जलभराव हुआ और एक जगह घर की छत पर बिजली का खंबा गिरा। हालांकि, उस समय बिजली नहीं थी, इसलिए कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इसके अलावा बाढ़ में स्कूली बच्चे फंसे रहे। उन्हें स्थानीय लोगों ने ट्रैक्टर से निकाला।
नड ब्लॉक की सरना पंचायत में मोहन सिंह के घर की छत पर बिजली का 11 हजार केवी लाइन का खंभा गिर गया। गनीमत रही कि उस समय बिजली नहीं थी। स्थानीय पंच सवर्ण सिंह ने बताया कि बिजली के खंभे के बारे में जिला प्रशासन को अवगत करवाया गया है, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। इसका खमियाजा मोहल्ले को भुगतना पड़ रहा है। ब्लॉक दिवस पर उपायुक्त को भी इस बारे में बताया था कि वार्ड के दो खंभे कभी भी गिर सकते हैं, जिससे कोई बड़ा हादसा हो सकता है। बुधवार रात को हुई बारिश में उक्त खंभा घर की छत पर गिर गया। यदि बिजली होती तो सारे मोहल्ले को करंट लग सकता था। अब यहां की बिजली आपूर्ति प्रभावित है।
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वहीं, जिले के धलोट से तालूर जाने वाले मार्ग पर नाले में आई बाढ़ में स्कूली बच्चे फंस गए। उन्हें स्थानीय लोगों ने निकाला। बताया गया है कि तालूर जाने वाले मार्ग पर नाले में बाढ़ के आने से तालूर, कुपडी गांव के ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ज्यादातर स्कूली बच्चों को इसका शिकार होना पड़ता है। प्रत्येक बरसात में छात्र अपने स्कूल में ही नहीं जा पाते। वीरवार को भी जब छात्र स्कूल जा रहे थे तो नाले में बाढ़ आ गई। छात्र एक ऊंची जगह पर खड़े हो गए। पानी कम होने पर स्थानीय लोगों ने बच्चों को ट्रैक्टर से स्कूल छोड़ा। आमली पंचायत के नायब सरपंच नरेश शर्मा ने बताया कि नाले की समस्या के बारे में जिला प्रशासन व जन प्रतिनिधियों को अवगत करवाया गया है। लेकिन, कोई उचित कदम नहीं उठाया जा रहा। तालूर गांव में सरकारी हाई स्कूल है। छात्र नाले को पार कर स्कूल जाते हैं। बच्चों के परिजनों को चिंता बनी रहती है।
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बारिश में बहे दो खंभे, बिजली प्रभावित
उधर, जिले के नड में बारिश से बिजली के दो खंभे टूट गए। इससे बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। स्थानीय सरपंच सुरिंदर सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन ब्लाॅक दिवस का आयोजन करता है, जिसका उद्देश्य लोगों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करना है। लेकिन, ऐसा नहीं हो रहा। मांग उठाई थी कि बिजली के दो खंभे कभी भी बह सकते हैं। यदि, कुछ क्रेट डाले जाएं तो वे बच जाएंगे। लेकिन, प्रशासन ने उनकी बात को अनसुना कर दिया। इसके कारण अभी तक बिजली प्रभावित है।
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