प्राथमिक चिकित्सा केंद्र के डॉक्टर रोहित की सतर्कता और डॉ निरुपम व डॉ. भारत भूषण की टीम ने दी नई जिंदगी
अरनिया
छोटे स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर भी सतर्कता से और तकनीकी के उपयोग से गंभीर से गंभीर मरीज की जान को बचा सकते हैं। ऐसा ही कर दिखाया है प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अरनिया के डॉक्टर रोहित ने। उन्होंने मरीज को रैफर न कर उसका इलाज करने की ठानी। डॉक्टर रोहित बताते हैं कि अगर मरीज को रैफर करते तो जान जा सकती थी। उन्होंने बताया कि अमरनाथ यात्रा के चलते साआईएसएफ का जवान हरा पीर नाके पर ड्यूटी कर रहा था। इस दौरान उसके कान पर सांप ने काट लिया। मरीज को इस बात का पता नहीं था लेकिन काटने के एहसास पर उसे अस्पताल लाया गया तो यहां अपनी समस्या बताते ही वह बेहोश होने लगा। उसके कान से खून बह रहा था। मरीज की हालत को देख उन्हें अंदाजा हो गया कि जहर दिमाग पर असर कर रहा है और वह लकवे का शिकार हो रहा है। डॉक्टर रोहित ने बताया कि परामर्श के लिए उन्होंने बिश्नाह में तैनात डॉ. निरुपम को वीडियो कॉल पर लिया। उसके बाद जम्मू में असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट डॉ. भारत भूषण को भी वीडियो कॉल के जरिए जोड़ा गया। मरीज की हालत गंभीर होते देख डॉक्टरों ने एंटी स्नेक बाइट इंजेक्शन देने के लिए कहा। उसके तुरंत बाद एंबुलेंस के जरिए उसे जीएमसी जम्मू पहुंचाया गया। यहां उसका इलाज शुरू हो गया और इस तरह से विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने सीआईएसएफ कर्मी की जान बचा ली। जीएमसी में उपचार के दौरान पाया गया कि मरीज को न्यूरोटॉक्सिक सांप ने काट लिया था। इसका सीधा असर दिमाग और फेफड़ों पर होता है। वीडियो कॉल के जरिए मरीज को सही समय पर इंजेक्शन लग जाने से उसकी जान बच गई। सीआईएसफ के सीनियर अधिकारी ने प्राथमिक चिकित्सा केंद्र अरनिया में जवान को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ का धन्यवाद किया। वहीं सीआईएसएफ कर्मी वीर सिंह जान बचाने के लिए भावुक हो गए।
स्वास्थ्य विभाग के सामूहिक प्रयास से सब संभव : डॉ. रोहित
प्राथमिक चिकित्सा केंद्र अरनिया में तैनात चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रोहित कुमार ने बताया कि एक महीना पहले ही एंटी स्नेक बाइट के इंजेक्शन आए हैं। बरसात में इलाके में सांप के काटने के केस आते रहते हैं जिससे लोगों की जान खतरे में आ जाती है। उन्होंने बताया कि बीएमओ बिश्नाह डॉक्टर शमीम अहमद चौधरी की अगुवाई में सीआईएसएफ कर्मी की जान बचाई गई है। यह पूरे स्वास्थ्य विभाग के सामूहिक प्रयास के कारण हुआ है। सामूहिक प्रयास से सब संभव हो सकता है। बीएमओ बिश्नाह डॉक्टर शमीम अहमद चौधरी ने बताया कि प्राथमिक चिकित्सा केंद्र अरनिया में उपचार का पूरा बंदोबस्त है। क्षेत्र के लोगों के साथ हादसा हो जाने पर उन्हें तुरंत प्राथमिक चिकित्सा केंद्र में पहुंचना चाहिए। सांप और कुत्तों के काटने का इलाज केंद्र में ही किया जा रहा है।