संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। लगातार हो रही बारिश से किसानों को लगने लगा है कि अब उनकी फसल बचेगी नहीं। सीमावर्ती गांव चचवाल के किसान पंकज शर्मा, सदवाल के किसान प्रकाश चंद ने बताया कि गेहूं की फसल पहले सूखे की चपेट में आ गई थी। अब बारिश से खेत में ही गिर गई है। जहां पानी खड़ा होता है, वहां गेहूं की फसल नष्ट हो रही है। यही हाल सरसों का है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारी जायजा लेने पहुंचे हैं।
कृषि विभाग के अधिकारी विजय चौधरी ने कहा कि कुदरती आपदा में विभाग भी कुछ नहीं कर पा रहा है। किसानों को चाहिए कि गेहूं की खेत में पानी की निकासी रखें। पानी को खड़ा न होने दें। वहीं, राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन की ओर से अभी तक फसल नुकसान की सूचियां बनाने का कोई आदेश नहीं आया है। उधर, बारिश से कस्बे के बाजारों में भी मंदी बनी रही। दुकानदार अजय सिंह, रंजु गुप्ता, टोनी, नीरज, आदि ने कहा कि रात से जारी बारिश के कारण दिनभर बाजारों में भी सन्नाटा बना रहा। दुकानदारों को काफी मंदी का सामना करना पडा। ग्राहक बारिश में घरों से निकल ही नहीं रहे।
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कोरोना मामलों में भी हो सकती है वृद्धि
शुक्रवार रात से जारी बारिश के कारण ठंड में भी इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल सांबा में सर्जन डॉ. भारत भूषण वर्मा ने बताया कि ठंड बढ़ने से खांसी, जुकाम, बुखार, सांस उखड़ना व फेफड़ों की बीमारियों में बढ़ोतरी हो सकती है। ठंड के कारण कोरोना मामलों में भी वृद्धि हो सकती है।